भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान से 30 से अधिक लोगों की मौत

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में ओले और आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही हुई है। इस आकस्मिक घटना की वजह से 30 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।

भारत के कई हिस्सों में आंधी-तूफान से 30 से अधिक लोगों की मौत

लखनऊ। देश में मौसम फिर बदल गया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर ओले और आकाशीय बिजली गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हो गए। वहीं मध्य प्रदेश में 13 और गुजरात में भी नौ लोगों की मौत इस आक्समिक तबाही से हुई।

प्रधानमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "बेमौसम आंधी, तूफान और बारिश की वजह से कई लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है। इसका मुझे दुःख है। सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।"

मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई. इंदौर में तीन, धार, सीहोर और खरगोन में दो, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ और छिंदवाड़ा जिले में एक-एक लोगों की मौत हुई है। वहीं गुजरात में आंधी-तूफान की वजह से 9 लोगों की मौत हो गई। अहमदाबाद, राजकोट, बनासकांठा, पाटन, महेसाना, साबरकांठा, आणंद, खेड़ा जिलों में बेमौसम बारिश की वजह से किसानों की पूरी की पूरी फसल बर्बाद हो गई।

राजस्थान में भी 9 लोगों की मौत हुई है जबकि 20 लोग घायल हुए हैं। राजस्थान के झालावाड़ में 4 मौतें हुई। जिले के गणेशपुरा में कच्चा मकान ढहने से दो बहनों की मौत हो गई। वहीं संभल में बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई। इसी तरह से उदयपुर के सैलाना में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अलवर में एक शादी समारोह के दौरान एक लोग की मौत हो गई जबकि शादी में शामिल हुए 14 लोग घायल हो गए. हनुमानगढ़ और जयपुर में भी दीवार ढहने से दो लोगों की मौत हो गई।

मरने वालों में एक दस वर्षीय मासूम भी है। मरने वाले लोग राजस्थान के बीकानेर जिले के हैं। जबकि राज्य के अन्य हिस्से भी आंधी, बारिश, ओले और आकाशीय बिजली गिरने की वजह से प्रभावित रहें। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसा पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से हुआ है, जिससे राजस्थान में आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। इससे फसलों को भी खासा नुकसान हुआ है।


मौसम के इस अचानक के फेरबदल से राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, अजमेर और कोटा संभाग सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। जबकि चूरू, कोटा और जयपुर में बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बीते चौबीस घंटे के दौरान चित्तौड़गढ़ में 22 मिलीमीटर, श्रीगंगानगर में 13.5 मिलीमीटर, अजमेर में 7.8 मिलीमीटर, कोटा में 6.8 मिलीमीटर, पिलानी में 4.6 मिलीमीटर, भीलवाडा में 4.2 मिलीमीटर, वनस्थली-सवाईमाधोपुर में 2-2 मिलीमीटर, डबोक में 1.4 मिलीमीटर और चूरू में 0.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं जयपुर, सीकर, जोधपुर और माउंट आबू में भी बूंदाबांदी दर्ज की गई।

बीकानेर के देशनोक थाना क्षेत्र में अंधड़ से खेत में बने एक टिन शेड की दीवार गिर जाने से एक दस वर्षीय बच्ची की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। देशनोक के थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि पलाना गांव के पास सुजासर में एक खेत में फसल काटने वाले मजदूर काम कर रहे थे। तेज अंधड से बचने के लिए मजदूर एक टिनशेड के नीचे खड़े थे, अचानक टिनशेड की दीवार ढह जाने से मलबे में दबने से पूजा (10) की मौत हो गई जबकि छह अन्य मजदूर घायल हो गए, जिन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

बीकानेर के ही जामसर थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली के गिरने से भेड़ चरा रहे अजीज खां (21) की और उनकी 12 भेड़ों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार की रात में भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज ठंडी हवाओं के साथ धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है।


(भाषा से इनपुट)

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