यूपी में आंधी-तूफान ने बरपाया कहर, 15 लोगों की मौत, मौसम विभाग ने जताई आशंका फिर आ सकता है तूफान

यूपी के कई जिलों में मंगलवार सुबह और देर रात आई आंधी-तूफान व आसमानी बिजली गिरने से प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 36 घंटों के बीच फिर गरज-चमक के साथ तेज आंधी-पानी की संभावना जताई जा रही है।

यूपी में आंधी-तूफान ने बरपाया कहर, 15 लोगों की मौत,  मौसम विभाग ने जताई आशंका फिर आ सकता है तूफान

लखनऊ। उत्तर भारत में मई का महीना मौसम के हिसाब से भारी गुजरा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में 13 मई को आंधी के साथ बारिश होने ने भारी तबाही मचाई थी। एक माह में कई बार आई आंधी तूफान से करीब दो सौ लोगों की जान गई। वहीं लाखों रुपए की संपत्ति का नुकसान हो गया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को आई तेज आंधी-पानी ने जमकर कहर बरपाया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार आंधी-तूफान की चपेट में आने से करीब 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए। तेज आंधी पानी से फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। तूफान में सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए और दर्जनों बिजली के पोल भी गिर गए। मंगलवार तड़के आए तूफान में कई लोगों के आशियाने गिर गए तो कई के टिनशेड उड़ गए।

यूपी के कई जिलों में मंगलवार सुबह और देर रात आई आंधी-तूफान व आसमानी बिजली गिरने से प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हो गए। सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए और चार मवेशियों की जान भी चली गई। आंचलिक विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 36 घंटों के बीच फिर गरज-चमक के साथ तेज आंधी-पानी के आसार हैं।

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ओलों की बारिश से फसलों को नुकसान

तेज आंधी-पानी के साथ ओले में गिरने से गन्ना, आम,सब्जी और केले की फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। गोरखपुर के पिपराइच ब्लाक के गाँव रक्षवापार निवासी किसान नवनीत सिंह (35वर्ष) का कहना है,"आंधी-पानी से सब्जी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मैँने अपने दो बीघा खेत में लौकी की खेती की थी। फसल पूरी तरह से तैयार थी, लेकिन ओले गिरने से लौकी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।" आंधी की वजह से आम की फसल को भी भारी नुकसान हआ है। आंधी, तूफान और ओलों के कारण बाग में कच्चे आम के ढेर लग गए। आम की बागवानी करने वाले किसान मोहम्मद शकील बताते हैं," आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है। तेज आंधी आने के कारण काफी फल जमीन पर टूट कर गिर गए जिसे अब कम दामों पर बेचना हम सब की मजबूरी बन गया है।"

बाराबंकी के किसान अमरेंद्र कुमार का कहना है, " मंगलवार रात आई तेज आंधी की वजह से केले की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। खेतों में खड़ी केले की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों की उम्मीदों को आंधी ने पानी में मिला दिया। कई किसानों की पूरी फसल खराब हो गई।"

बाराबंकी के सूरतगंज ब्लाक के टापरा मजरे भदौरा घर थरिया निवासी महिला किसान श्यामकली (40वर्ष) बताती हैं, " हमारी केले की फसल कल देर रात आई तेज आंधी तूफान में पूरी तरह से बर्बाद हो गई। इस वक्त केले की फसल में नुकसान इसलिए भी ज्यादा हुआ क्योंकि केले का फरान हो रहा था और पेड़ वजन था। तेज आंधी तूफान के थपेड़ों ने केले की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है।"

फतेहपुर ब्लाक के युवा किसान जितेंद्र बताते हैं, " हरी मिर्च की खेती को भी इस तूफान ने काफी क्षति पहुंचाई है। जिन खेतों में पानी लगा था मिट्टी नरम थी वे खेत पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं।"

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पेड़ और बिजली का पोल गिरने से आवागमन बाधित

आंधी-पानी से अलग-अलग जनपदों में दर्जनों पेड़ गिर गए। पेड़ों के गिरने से गोंडा-फैजाबाद मार्ग पर कई घंटे वाहनों की कतार लगी रही। वहीं गोरखपुर- कुशीनगर मार्ग पर कई पेड़ गिर गए जिन्हें हटाने के लिए बन विभाग की टीम पूरे दिन मशक्त करती नजर आई। आवागमन बाधित होने से हजारों यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर गन्तव्य तक जाने के लिए यात्री परेशान नजर आए। वहीं आंधी की वजह से जगह जगह बिजली के पोल गिर गए। पोल गिरने से दर्जनों की गाँवों की बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारियों को गिरे हुए पोल और फाल्ट को चिन्हित करने में काफी मशक्तत करना पड़ा। गोरखपुर के निवासी दीपक मिश्रा (30वर्ष) का कहना है," मेरे गाँव में दो बिजली के पोल गिर गए हैं, जिससे बिजली नहीं आ रही है। बिजली नहीं आने से हम लोगों को गर्मी झेलनी पड़ रही है। बिजली विभाग अपने काम में जुटा है। उम्मीद है कल तक बिजली सुचारू हो जाएगी।"

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मस्जिद की दीवार गिरने से चार की मौत

लखीमपुर के गोला क्षेत्र के ग्राम भुड़वारा में आयी तेज आंधी से मस्जिद की मीनार एक घर पर जा गिरने से बड़ा हादसा हुआ। इस हादसे में घर में मौजूद 10 लोग मलबे में दब गए। इसके बाद से गांव में कोहराम मच गया। आसपास के गांवों के लोग भी सूचना पाकर मौके पर पहुंच गए और जेसीबी बुलाकर मलवा हटवाया। तब तक अजीउल्ला (40वर्ष), नाजिया (15वर्ष) जुबेर (20वर्ष) और बब्बू(10वर्ष) की मौत हो गई । अजीउल्ला के परिवार के पांच लोगों को 108 एम्बुलेन्स सेवा से सीएचसी गोला भिजवाया गया। एक साथ चार लोगों की मौत होने से पूरे गाँव में कोहराम मच गया। कन्नोज में आकाशी बिजली के चपेट में तीन लोग आए और गंभीर रूप से घायल हो गए। एक की हालत गंभीर बनी हुई है। जनपद रायबरेली में तीन की मौत व तीन जख्मी हो गए और दो मवेशियों की भी मौत हो गई। कानपुर नगर और पीलीभीत में दो-दो लोगों की मौत हो गई। उन्नाव में दो और रायबरेली में पांच कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए।




मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी ज़िलाधिकारियों और आयुक्तों को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मुहैया कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि घायलों को तत्काल चिकित्सकीय उपचार मिले।

अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव सूचना


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