देश भर के गन्ना किसानों से आज मिलेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

गन्ना किसानों के भुगतान में चीनी मिलों को सक्षम बनाने के लिए पिछले पांच सालों के दौरान केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें चीनी का आयात शुल्क दोगुना कर 100 प्रतिशत करना, निर्यात शुल्क समाप्त करना और 8500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देना शामिल है।

देश भर के गन्ना किसानों से आज मिलेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों के करीब 150 गन्ना उत्पादक किसानों से आज दो बजे बातचीत करेंगे। इसमें वे चीनी मिलों पर उनके गन्ने के बकाया के भुगतान के लिए सरकार द्वारा उठाए गए हालिया कदमों पर चर्चा कर सकते हैं। सरकार ने मिलों पर गन्ना किसानों के लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के भारी बकाए के मद्देनजर हाल में चीनी मिलों की मदद के लिए 8,500 करोड़ रुपये का पैकज मंजूर किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जारी बयान में कहा, ''प्रधानमंत्री लोक कल्याण मार्ग में 29 जून 2018 को करीब 150 गन्ना किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेंगे। '' इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र , कर्नाटक, उत्तराखंड और पंजाब के किसान होंगे। बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान गन्ना क्षेत्र के लिए उठाए गए सरकारी कदमों पर चर्चा की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि गन्ना किसानों के भुगतान में चीनी मिलों को सक्षम बनाने के लिए पिछले पांच सालों के दौरान केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें चीनी का आयात शुल्क दोगुना कर 100 प्रतिशत करना, निर्यात शुल्क समाप्त करना और 8500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज देना शामिल है।



20 जून को किसानों से किया था संवाद

सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद करने की पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 जून को किसानों से उनसे जुड़़े विषयों एवं कृषि क्षेत्र के मुद्दों के बारे में चर्चा करते हुए कहा, " किसान अन्नदाता हैं, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैँ। किसानों ने इसके लिए खून पसीना एक कर दिया लेकिन समय के साथ किसानों का अपना विकास धीरे धीरे सिकुडता गया। शुरू से ही किसानों को उनके नसीब पर छोड् दिया गया। किसानों के विकास के लिए एक निरंतर और वैज्ञानिक प्रयास की जरूरत थी। लेकिन उस काम में बहुत साल विलंब हो गया। इसलिए हमने जमीन के रखरखाव से लेकर अच्छे क्वालिटी के बीच, बिजली, पानी से लेकर, बाजार से लेकर एक संतुलित और व्यापक योजना के तहत कार्य करने का भरसक प्रयास किया। हमने तय किया कि 2022 तक किसान की आमदनी में दोगुनी बढ़ोतरी हो पर बहुत से लोगों ने इसका मजाक उड़ाया कहा, संभव नहीं है मुश्किल है। उन्होंने हमें निराश करने का काम किया।"

साभार: एजेंसी

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