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हो सकती है मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी फी में कमी

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी फी को मौजूदा 19 रुपये से घटाकर अधिकतम 4 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। एमएनपी की सुविधा तीन जुलाई 2015 को शुरू की गई थी।इसके तहत कोई उपभोक्ता अपना नंबर बदले बिना ही मोबाइल ऑपरेटर बदल सकता है।

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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई का कहना है कि इस प्रक्रिया में आने वाली असल लागत की तुलना में यह शुल्क बहुत ज्यादा है। एमएनपी के लिए लगातार बढ़ते आवेदनों की संख्या की वजह से इस पर लागत घटी है। इसके मद्देनजर ट्राई का मानना है कि एमएनपी शुल्क को और कम करने की जरूरत है।

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नियामक इसे चार रुपये पर लाने के पक्ष में है। इसलिए ट्राई ने इस शुल्क में संशोधन का मसौदा तैयार किया है। इस ड्राफ्ट पर 29 दिसंबर तक लोगों से राय मांगी गई है। हालांकि कई बार वह टेलीकॉम कंपनी जिसके पास उपभोक्ता अपना नंबर पोर्ट कराता है, वह अपने ग्राहक बढ़ाने के मकसद से एमएनपी शुल्क का बोझ खुद उठाती है।

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