Top

आज और कल सड़कों पर नहीं दिखेंगे ट्रक

आज और कल सड़कों पर नहीं दिखेंगे ट्रकप्रतीकात्मक तस्वीर।

लखनऊ। ट्रांसपोर्ट पर जीएसटी स्पष्ट न होने के चलते और बढ़ी हुई डीजल की कीमतों के लेकर देश भर में ट्रक ऑपरेटर्स ने हड़ताल कर दी है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के आह्वान पर रविवार रात 12 बजे से ही हड़ताल शुरू हो गई। इस दौरान अगले दो दिनों तक माल बुकिंग और डिलीवरी नहीं की जाएगी। ट्रांसपोटर्स डीजल-पेट्रोल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं। एआईएमटीसी के बैनर तले देश भर के करीब 93 लाख ट्रक सड़कों पर नहीं दिखाई देंगे।

यह भी पढ़ें- जीएसटी को लेकर पूरे देश में 9 और 10 अक्टूबर को ट्रांसपोटर्स का चक्काजाम

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष एस के मित्तल ने संवाददाताओं से कहा, "ट्रांसपोटरों ने सरकारी अधिकारियों के उदासीन रुख, जीएसटी, डीजल कीमतों और भ्रष्टाचार को देखते हुये 9 और 10 अक्टूबर को चक्का जाम करने का फैसला किया है." ट्रांसपोर्टरों के सर्वोच्च निकाय एआईएमटीसी ने करीब 93 लाख ट्रक परिचालकों और लगभग 50 लाख बस और पर्यटक परिचालकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है। वहीं, ट्रांसपोर्टरों की दूसरे संगठन अखिल भारतीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने एआईएमटीसी का समर्थन करने की बात कही।

कलकत्ता गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभात कुमार मित्तल ने बताया, 'जीएसटी लागू होने के बाद परिवहन व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) और अन्य ट्रासपोर्ट एसोसिएशनों ने दो दिनों की सांकेतिक राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया है।'

यह भी पढ़ें- पाक की एक और साजिश नाकाम, पीओके से आने वाले सामान के ट्रक से हो रही थी हथियारों की सप्लाई

उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत विभिन्न नीतियों के कारण सड़क परिवहन क्षेत्र में बहुत भ्रम और विघटन पैदा हुआ है। मित्तल ने कहा, 'डीजल मूल्य में अत्यधिक वृद्धि और कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव सड़क परिवहन क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। डीजल और टोल पर किया जाने वाला खर्च ट्रक के परिचालन खर्च के 70 फीसदी से भी अधिक है।'

खेती और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मशीनों और जुगाड़ के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top