आरओ के पानी से महाकाल का होगा जलाभिषेक: सुप्रीम कोर्ट

आरओ के पानी से महाकाल का होगा जलाभिषेक: सुप्रीम कोर्टमहाकाल का अभिषेक अब आधा लीटर आरओ के पानी से होगा।

लखनऊ। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल का अभिषेक अब आधा लीटर आरओ के पानी से होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है प्रति श्रद्धालु आधालीटर आरओ का पानी और सवालीटर पंचामृत का प्रयोग कर सकता है।

ये भी पढ़ें- सिनेमा घरों में राष्ट्रगान के वक्त कोई नहीं खड़ा होता तो इसका ये मतलब नहीं कि वो कम देश भक्त है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर के शिवलिंग को संरक्षित करने के लिए मंदिर समिति का प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आदेश दिया है कि भस्म आरती से पहले शिवलिंग को कपड़े से ढंका जाएगा और पांच बजे जलाभिषेक ख़त्म होने के बाद गर्भगृह को सुखाया जाएगा। कोर्ट के आदेश के मुताबिक गर्भगृह को सूखा रखने के लिए शिवलिंग तक हवा आने के बंदोबस्त किए जाएँगे और शिवलिंग में पिसी चीनी पाउडर लगाने की जगह खांडसारी का इस्तेमाल होगा।

ये भी पढ़ें- आरुषि मर्डर केस में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट जाएगी हेमराज की विधवा, सीबीआई पर लगाए गंभीर आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता ने दायर की थी याचिका

शिवलिंग पर लगातार जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और फलों के रस से अभिषेक सहित कई तरह के अभिषेक होते हैं। इसके लिए बड़ी मात्रा में छोटी-बड़ी फूल मालाएं, हार, धतूरे चढ़ते हैं। ऐसे में शिवलिंग के क्षरण की बात सामने आई। शिवलिंग को नुकसान से बचाने के लिए उज्जैन की सामाजिक कार्यकर्ता सारिका गुरु ने भक्तों को गर्भ गृह में प्रवेश और शिवलिंग को स्पर्श करने पर आपत्ति जताते हुए याचिका दायर की थी। सारिका ने याचिका में ओंकारेश्वर, मल्लिकार्जुन, सोमनाथ जैसे कई ज्योतिर्लिंगों का जिक्र भी किया जहां भक्तों को गर्भ गृह में जाने पर रोक है।

खेती और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली मशीनों और जुगाड़ के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

Share it
Top