पीएम किसान योजना में फर्ज़ी तरीके से 6000 रुपए लेने वालों से हो रही है वसूली, सरकार ने बताई आगे की ये रणनीति

क्या सरकार पीएम किसान योजना का बजट कम कर रही है? योजना में किसानों की संख्या कम कैसे हो गई?, जिन्होंने गलत तरीके से पैसा लिया है उनका क्या होगा?... ऐसे कई सवाल लोगों के मन में हैं। लेकिन सरकार ने साफ किया है कि जो किसान अभी जुड़े नहीं है उन्हें जोड़ा जाएगा लेकिन जो आपात्र हैं, जिन्होंने फ़र्ज़ी तरीके से पैसा लिया है उनसे वसूली जारी है।

Arvind ShuklaArvind Shukla   8 Feb 2021 5:46 AM GMT

पीएम किसान योजना में फर्ज़ी तरीके से 6000 रुपए लेने वालों से हो रही है वसूली, सरकार ने बताई आगे की ये रणनीतिकेंद्र सरकार ने साफ किया है कि पीएम किसान योजना में किसानों की संख्या कम नहीं की जा रही है। फोटो : गाँव कनेक्शन

आम बजट आने के बाद प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना को लेकर चर्चा तेज है। इस योजना में सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 65,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। पिछले साल के संशोधित बजट में ये रकम भी 65,000 करोड़ रुपए ही थी। हालांकि 2020-21 के बजट अनुमानों में ये राशि 75,000 करोड़ रुपए थी। विपक्ष और किसान नेताओं ने सरकार पर इस योजना के बजट में 10,000 करोड़ रुपए की कटौती करने का आरोप लगाया।

उधर, सरकार ने साफ किया है कि पीएम किसान योजना में किसानों की संख्या कम नहीं की जा रही है, बल्कि नए किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। लेकिन सिर्फ पात्र किसानों को ही योजना के तहत साल के 6,000 रुपए का लाभ मिले इसके लिए अपात्र हटाए जा रहे हैं और उनसे वसूली हो रही है।

राज्यसभा में पीएम किसान योजना के कम बजट को लेकर कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, "जब पीएम किसान योजना का सृजन हुआ तो उस वक्त अनुमान लगाया गया कि 14.5 करोड़ किसान देश में होंगे, उसके हिसाब से 75,000 रुपए आवंटित किए गए थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक 10.75 करोड़ किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। केंद्र इस कोशिश में है कि सभी किसान इसके दायरे में आएं। अभी पश्चिम बंगाल इसमें शामिल नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल के आने से 70 लाख और किसान जुड़ जाएंगे।"

22 जनवरी तक 2021 तक आंकड़ों के अनुसार पूरे देश (पश्चिम बंगाल को छोड़कर) में कुल 10 करोड़ 74 हजार 11522 किसानों के खातों में 11,17,62 करोड़ रुपए सभी किस्तों में भेजे हैं। लेकिन इन 107,431,981 किसानों में 3,291,152 अपात्र और 'आयकर दाता किसान' की श्रेणी में आते हैं। योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों के खातों में 23,268,846,000 रुपए भेजे गए हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया जारी है।

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ये आंकड़े केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में कुछ सांसदों के सवाल के जवाब में दिए।

इस योजना (PM KISAN YOJNA) के तहत ज़मीन पर मालिकाना हक रखने वाले किसानों को साल में 2,000 हजार रुपए की 3 किस्तें मिलती हैं। लेकिन इसमें कुछ शर्ते हैं, जिनके तहत केंद्र या राज्य सरकार में कर्मचारी, 10 हजार से ज्यादा पेंशन पाने वाले, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील जैसे पेशेवर भले ही वो खेती भी करते हों, इसके पात्र नहीं हो सकते। इन्कम टैक्स भरने वाले किसान को भी इसका लाभ नहीं मिल सकता है। सरकार के मुताबिक बैंक खाता, आधार, खसरा-खतौनी के आधार पर बहुत सारे लोगों ने योजना का लाभ लिया है, जिनका डाटा मिलान करने के बाद अब वसूली की जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा अपात्र किसान तमिलनाडु (696,989) में पाए हैं। जिसके बाद असम (581,652), पंजाब (469,978), महाराष्ट्र (355,443), गुजरात (210,490), मध्य प्रदेश (204,437) और उत्तर प्रदेश (178.398) में हैं। इनमें सबसे ज्यादा वसूली 1,585,704,000 रुपए तमिलनाडु से हुई है जबकि उत्तर प्रदेश से 22 जनवरी तक एक रुपए की भी वसूली नहीं हुई है।

योजना के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए PM KISAN YOJNA योजना की वेबसाइट देंखें या फिर अपने जिले के जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें।


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सबसे ज्यादा इन राज्यों में अपात्र किसान


कहीं आप भी इस दायरे में तो नहीं आते? वापस देने पड़ेंगे पैसे

भारत में किसान वो सभी हैं जिनके नाम पर ज़मीनें हैं और वो भी किसान हैं जो दूसरों की ज़मीन पर खेती करते हैं, जिन्हें बटाईदार या ठेके पर खेती करने वाला कहा जाता है। लेकिन पीएम किसान योजना का लाभ ज़मीन पर मालिकाना हक रखने वाले किसानों को ही मिलता है जो सरकार की शर्तों के मुताबिक होते हैं।

  1. केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी, (ग्रुप डी या चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) योजना का लाभ नहीं ले सकते, भले उनके नाम पर ज़मीन हो।
  2. ऐसे रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) कर्मचारी, जिनकी पेंशन 10 हजार रुपए रुपए से ज्यादा हो, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  3. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए और ऐसे पदों पर बैठे लोगों को भी पीएम किसान योजना के पैसे नहीं मिलेंगे।
  4. ऐसे लोग या किसान जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में आयकर दाखिल (इन्कम टैक्स रिटर्न भरा हो) किया हो।
  5. संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, वर्तमान या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, एमएलसी के नाम पर भले ही खेती की ज़मीन हो, वो किसानी करते हों लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

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