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यूनिसेफ का किशोरों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

नई दिल्ली (आईएएनएस)। बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की वैश्विक सद्भावना राजदूत (ग्लोबल गुडविल एंबेसडर) प्रियंका चोपड़ा ने वर्तमान में किशोरों में निवेश को भविष्य की कई समस्याओं का समाधान बताया। उन्होंने कहा कि आज का निवेश भविष्य के कार्यबल का निर्माण कर लाखों वंचितों की जिंदगी को बेहतर बना सकता है।

यूनिसेफ के यहां लोधी एस्टेट स्थित कार्यालय में किशोर और किशोरियों के एक समूह के साथ बातचीत करते हुए प्रिंयका ने कहा, "कहा कि आज के किशोरों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और सही सहायता के द्वारा हम उनके जीवन में सुधार ला सकते हैं और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की ओर अग्रसर कर सकते हैं।"

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देश में अभी भी कई स्थानों पर बाल विवाह और कम उम्र में लड़कियों की शादी के मुद्दे सामने आते हैं। प्रियंका ने कहा, "कम उम्र में लड़कियों की शादी करने से उसकी पढ़ाई छूटने और उनके घरेलू हिंसा का शिकार होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। वे उस नाजुक उम्र में मां बन जाती हैं जब वे खुद बच्ची होती हैं।

गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के दौरान उनकी मृत्यु की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।" भारत में 24.3 करोड़ किशोर हैं जो देश की आबादी का एक-चौथाई हैं। ऐसे में इन किशोरों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए समन्वित प्रयास और उनके सशक्तीकरण पर ध्यान देना जरूरी है। प्रियंका ने कहा, "बाल विवाह को रोकना और इन बच्चों को माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराना भारत के भावी विकास के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।"

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