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उम्र महज 20 वर्ष, रोज 40-50 किमी की पैदल यात्रा, पर्यावरण के लिए ऐसा जुनून नहीं देखा होगा

Mohit ShuklaMohit Shukla   21 Feb 2020 10:29 AM GMT

environmentअपनी यात्रा के दौरान पुलिसकर्मी के साथ गौरी शंकर।

सीतापुर (उत्तर प्रदेश)। असम का युवा पर्यावरण को बचाने के लिए एक अनूठी यात्रा पर निकल पड़ा है। 20 वर्षीय गौरी शंकर असम से नई दिल्ली के लिए निकले हैं जहां वे राष्ट्रपति से मिलेंगे और उनसे पर्यावरण को बचाने की अपील करेंगे।

अपनी यात्रा के दौरान अभी वे लगभग 1600 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं और अभी उत्तर प्रदेश के जिला सीतरपुर में हैं। वहां उन्होंने गांव कनेक्शन को बताया, " मैं एक जनवरी 2020 से घर से निकला हूं। रोजाना 40 से 50 किमी की यात्रा कर रहा हूं।"

गौरी शंकर ने बताया कि वे जब 5 साल के थे तब से पौधरोपण कर रहे हैं और अब तक 10 लाख से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं। इससे पहले वे साइकिल यात्रा करके भी लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर चुके हैं।

"इस बार पैदल यात्रा कर रहा हूं जो कि दिल्ली तक चलेगी। रास्ते में सरकारी कार्यालयों और पुलिस स्टेशनों में पौधे लगाता हूं। मैं यह यात्रा इसलिए कर रहा हूं कि सरकार पर्यावरण को लेकर कड़े कानून बनाये, नहीं तो अभी जो हालात हैं स्थिति और खराब हो जायेगी।"

शादी में पौधे गिफ्ट करते गौरी

गौरी ने कहा कि जंगलों को काटा जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार और लोग गंभीर नहीं है। इन्हीं सब मुद्दों पर बात करने के लिए मैं राष्ट्रपति से मिलने जा रहा हूं। मैं जब भी किसी को पेड़ काटते हुए देखता हूं तो मुझे बहुत दुख होता है। मैं अब किसी की भी शादी में जाता हूं तो वहां उपहार में पौधे ही देता हूं।

यह पूरी यात्रा लगभग 2,500 किमी की होगी। बिहार होते हुए गौरी सीतापुर पहुंचे। अपनी यात्रा के बारे में वे बताते हैं कि सुबह 6 से शाम 5 बजे तक वे रोजाना पैदल चल रहे हैं। थाने में रुकते हैं और खाने की व्यवस्था भी वहीं करते हैं। गौरी ने बताया कि वे मार्च के पहले सप्ताह में नई दिल्ली पहुंच जायेंगे।

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