उन्नाव रेप पीड़िता की दिल्ली के अस्पताल में मौत, आरोपियों ने जिंदा जलाया था

उन्नाव रेप पीड़िता की दिल्ली के अस्पताल में मौत, आरोपियों ने जिंदा जलाया थाघटनास्थल जहां पीड़िता को जलाया गया था।

लखनऊ। उन्नाव रेप पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गयी है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार डॉक्टरों ने बताया कि रेप पीड़िता की शुक्रवार देर 11:40 पर कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई।


गुरुवार (4 दिसंबर 2019) को पीड़िता को उन्नाव में जिंदा जलाकर मारने का प्रयास किया गया था। जिसके बाद उसे गम्भीर अवस्था में लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर किया गया। स्थिति में सुधार न होने से इसी दिन एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था। पीड़ित 90 फीसदी तक झुलस चुकी थी।

सफदरजंग अस्पताल में बर्न और प्लास्टिक विभाग के एचओडी डॉ. शलभ कुमार ने अपने बयान में बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे वेंटीलेटर पीड़िता का ब्लड प्रेशर गिरने लगा। इसके बाद डॉक्टरों ने दवाओं का डोज बढ़ाया, पैरों को मलना शुरू किया। 9.25 बजे ब्लड प्रेशर थोड़ा ठीक हुआ लेकिन 11.10 पर हालत फिर बिगड़ गई। 11.30 पर कार्डियक अटैक आने से उसकी धड़कनों की गति कम होने लगी और ब्लड प्रेशर भी कम होता गया। इसके बाद 11.40 पर पीड़िता को मृत घोषित कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला

मामला उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र का है। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक पीड़ित युवती का पिछले साल दिसंबर में गैंगरेप में हुआ था। इसके बाद मार्च 2019 में पुलिस ने मामला दर्ज किया। इसी केस की तारीख के लिए पीड़िता कोर्ट जा रही थी।

इसी दौरान बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव के पास पांचों आरोपियों ने पहले उसे मारा पीटा, चाकू से वार किया फिर जिंदा जला दिया। पीड़िता ने खुद ही 112 पर फोन किया और पुलिस से आरोपियों का नाम बताया। जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी। दोषियों को जल्द सजा दिलाई जाएगी।

पीड़िता के मौत के बाद प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फिरोजाबाद में पत्रकारों से कहा कि उन्नाव की घटना पर पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मैंने सदन में पहले ही कहा था पीड़िता का बचना मुश्किल है। आगे उन्होंने कहा कि अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्नाव घटना के आरोपियों पर वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए जैसे हैदराबाद में हुआ।

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