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यूपी के किसानों को इस बार मिलेंगे उन्नत गेहूं, सरसों समेत रबी फसलों के बीज: कृषि मंत्री

आगामी रबी फसलों को लेकर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीज, खाद और उर्वरक की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

यूपी के किसानों को इस बार मिलेंगे उन्नत गेहूं, सरसों समेत रबी फसलों के बीज: कृषि मंत्रीलखनऊ में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही। फोटो : गाँव कनेक्शन

लखनऊ। "देश में सर्वाधिक गेहूँ का उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। लगभग 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूँ का उत्पादन किया जाता है और कृषि विभाग का मुख्य कार्य जनपद को उनकी मांग के अनुसार उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराना है, इसलिए आगामी रबी सीजन को दृष्टिगत रखते हुए अधिकारी किसानों को अधिक से अधिक उन्नत बीज के वितरण का लक्ष्य निर्धारित करें," उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए।

कृषि मंत्री बुधवार को लखनऊ के कृषि निदेशालय में आगामी रबी सीजन को लेकर प्रदेश में बीज, खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता के साथ विभागीय योजनाओं की प्रगति समीक्षा कर रहे थे।

इस बैठक में कृषि मंत्री ने कहा, "गेहूँ की बुवाई के लिए 7.64 लाख कुंतल बीज के वितरण का लक्ष्य सरकारी, सहकारी एवं अर्द्ध सरकारी क्षेत्र के विभागों को और 37.35 लाख कुंतल बीज के वितरण का लक्ष्य निजी क्षेत्र के लिये निर्धारित किया गया है। इसके लिए सभी संस्थाओं को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी दे दिये गये हैं।"

कृषि मंत्री के मुताबिक, रबी फसलों में मुख्य रूप से गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों एवं अलसी के लिए लगभग 49 लाख 50 हजार कुंतल बीज की आवश्यकता के सापेक्ष 8 लाख 27 हजार 391 कुंतल बीज का व्यवस्था सरकारी, सहकारी एवं अर्द्ध सरकारी क्षेत्र के विभागों द्वारा और 41 लाख 22 हजार 609 कुंतल बीज की व्यवस्था निजी क्षेत्र के माध्यम से की जायेगी।

आगामी रबी सीजन को लेकर चर्चा करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही।

बैठक में कृषि मंत्री ने बताया, "केंद्र सरकार द्वारा सरसों की खेती पर विशेष बल दिया जा रहा है। देश में 75,000 करोड़ रुपए का खाद्य तेल आयात किया जाता है। इस दृष्टि से भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की खेती किये जाने की अपेक्षा की गयी है।"

उन्होंने कहा कि इस साल हम सरसों और तिलहन उत्पादन का क्षेत्रफल बढ़ाएंगे और लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर सरसों का आच्छादन बढ़ाने की दृष्टि से किसानों को सरसों के बीज उपलब्ध कराएंगे और हर संभव प्रयास किये जायेंगे कि किसानों को 10 लाख हेक्टेयर की बुवाई के लिए उन्हें निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए जाए।

'खाद और उर्वरक की कमी नहीं'

बैठक में कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में खाद और उर्वरक की कहीं कोई कमी नहीं है। प्रदेश में 7.21 लाख मी.टन यूरिया, 10.27 लाख मी.टन डीएपी, 2.57 लाख मी.टन एनपीके और 1.28 लाख मी.टन एमओपी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। इस प्रकार प्रदेश में आगामी रबी फसलों को लेकर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गयी है।"

उन्होंने कहा कि कृषि रक्षा रसायनों की उपलब्धता की समीक्षा में जेम पोर्टल से कृषि रक्षा रसायानों एवं दवाईयों के क्रय के निर्देश दिये गये। प्रदेश में 821 कृषि रक्षा इकाईयां संचालित हैं।

प्रदेश में 2.14 करोड़ किसानों को मिली किसान सम्मान निधि

शाही ने बताया कि कोविड काल की विषम परिस्थितियों में भी किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन में 6.12 लाख किसानों को 780.77 करोड़ रूपये और रबी सीजन में 3.07 लाख किसानों को 255.05 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2.14 करोड़ लाभार्थी किसानों को 21,888.85 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि 16 लाख किसानों का आधार एवं बैंक खाता मिसमैच है, जिसे शीघ्र ठीक कराकर उन्हें भी योजना का लाभ दिलाये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

'ताकि क्रॉप कटिंग की व्यवस्था और बेहतर हो सके'

बैठक में कृषि मंत्री ने बताया कि प्रत्येक जनपद में हर गांव में ब्लॉक के अनुसार क्रॉप कटिंग की जाती है, जिससे हमें यह जानकारी होती है कि प्रदेश में कितना फसल का उत्पादन हुआ है। इसके दृष्टिगत कृषि विभाग द्वारा एक शासनादेश जारी किया गया है जिसमें क्रॉप कटिंग को लेकर राजस्व विभाग के संबंधित तहसीलदार या नायाब तहसीलदार को क्रॉप कटिंग की टीम में सम्मिलित किया गया है जिससे क्रॉप कटिंग की व्यवस्था और बेहतर हो सके और किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता न हो।

'7000 खेत तालाब का लक्ष्य निर्धारित'

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेत तालाब योजना में 7000 खेत तालाब का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 1000 से अधिक तालाब खोदे जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग ने यंत्रीकरण की दृष्टि से भी काफी तेज कार्य किया है। कृषि यंत्रीकरण के तहत 263 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है। कृषि यंत्रीकरण के तहत सितम्बर माह तक 42000 कृषि यंत्रों की बुकिंग की जा चुकी है। पोर्टल अभी भी खुला हुआ है और इच्छुक व्यक्ति अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने हेतु आवेदन कर सकता है।

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