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उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडी शुल्क 2% से घटाकर 1% किया, विकास शुल्क में कोई बदलाव नहीं

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ट्वीट में कहा है कि प्रदेश के किसान और मंडियों में व्यापार कर रहे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए ये फैसला लिया गया है। इससे पहले प्रदेश सरकार ने इसी साल 46 कृषि उत्पादों को मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंडी शुल्क 2% से घटाकर 1% किया, विकास शुल्क में कोई बदलाव नहींउत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को सहूलियत देने के लिए मंडी शुल्क में कटौती की है। (फाइल फोटो- गांव कनेक्शन)

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसान और मंडियों में व्यापार कर रहे व्यापारियों को राहत देते हुए मंडी शुल्क की दर को 02% से घटाकर 01% करने का आदेश दिया है। मंडियों में विकास कार्यों के लिए लग रहे विकास शुल्क की दर (0.5%) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस तरह अब मंडी के अंदर के व्यापार करने पर व्यापारियों को अब 2.5% के स्थान पर कुल 1.5% शुल्क ही देना होगा। गुरुवार पांच नवंबर को सरकार ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले मई 2020 में 46 कृषि उत्पादों को मंडी शुल्क से मुक्त कर दिया था।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किये गये ट्वीट में कहा गया, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषकों को मंडियों में बेहतर सुविधा प्रदान करने और मंडियों में कार्य कर रहे व्यापारियों के प्रोत्साहन हेतु मंडी शुल्क की दर को 02 प्रतिशत से घटाकर मात्र 01 प्रतिशत किए जाने का आदेश दिया है।"

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इससे पहले योगी सरकार ने मई 2020 में प्रदेश की मंडियों में बिकने वाले 53 तरह के फल सब्जियों में से 46 तरह की फल-सब्जियों को मंडियों में बेचने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया था। इस फैसले के बाद किसानों को इस फल और सब्जियों को बेचने की कहीं भी आजदी दी गयी जिस कारण मंडी शुल्क समाप्त हो गया।

केंद्र सरकार द्वारा मंडी शुल्क समाप्त करने के बाद प्रदेश में मंडी परिसर के भीतर दो प्रतिशत मंडी शुल्क व आधा प्रतिशत विकास शुल्क लगाया गया था। हालांकि शुल्क में कमी किए जाने से मंडियों की वार्षिक आय भी प्रभावित होगी।

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