पूरे देश में भिखारियों की संख्या पर उत्तर प्रदेश दूसरे पायदान पर, लक्षद्धीप में मात्र दो भिखारी

पूरे देश में भिखारियों की संख्या पर उत्तर प्रदेश दूसरे पायदान पर, लक्षद्धीप में मात्र दो भिखारीसाभार: इंटरनेट।

सामाजिक कल्याण मंत्रालय ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में भारत में भिखारियों की संख्या के बारे में बताया। देश में इस वक्त कुल 413760 भिखारी हैं जिनमें 221673 भिखारी पुरुष और बाकी महिलाएं हैं। भिखारियों की इस लिस्ट में टॉप पर पश्चिम बंगाल है। बंगाल में भिखारियों की संख्या सबसे अधिक है और उसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश और तीसरे नंबर पर बिहार है। मंत्री थावरचंद गहलोत ने अपने जवाब में ये आंकड़े दिए।

केंद्रीय मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किए गए डाटा के अनुसार पश्चिम बंगाल में कुल 81224 भिखारी हैं, इनमें 33086 पुरुष और 48158 महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 65838 भिखारी हैं, इनमें 41859 पुरुष और 23976 महिलाएं है। वहीं बिहार में 29723 भिखारी हैं, इनमें 14842 पुरुष और 14881 महिलाएं है। सबसे कम भिखारियों की संख्या लक्षद्वीप में है। लक्षद्वीप में केवल 2 भिखारी हैं। इतना ही नहीं संसद में पेश किए गए इस रिपोर्ट में असम, मणिपुर और पश्चिम बंगाल में महिला भिखारियों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है।

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आंकड़ों के हिसाब से भिखारियों की संख्या के लिहाज से पूर्वोत्तर के राज्यों की स्थिति काफी अच्छी है। पूर्वोत्तर के राज्यों में भिखारियों की संख्या बहुत कम है। अरुणाचल प्रदेश में सिर्फ 114 भिखारी हैं, नागालैंड में 124 और मिजोरम में सिर्फ 53 भिखारी ही हैं। संघ शासित प्रदेश दमन और दीव में 22 भिखारी हैं तो लक्षद्वीप में सिर्फ 2 ही भिखारी हैं।

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