पिथौरागढ़ की पहली महिला आईएएस बदल रही जिले की सूरत

पिथौरागढ़  की पहली महिला आईएएस  बदल रही जिले की सूरतपिथौरागढ़ जिले की मुख्य विकास अधिकारी वंदना

पिथौरागढ़। नेपाल बॉर्डर और पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से पिथौरागढ़ जिले में संसाधनों का अभाव है। सीमित संसाधनों के बीच रहकर पिथौरागढ़ की पहली महिला आईएएस वंदना अपने सहयोगी अधिकारियों के साथ से पिथौरागढ़ जिले की सूरत बदलने में लगी हुईं हैं।

पिथौरागढ़ जिले के कई ब्लॉक के सैकड़ों गांव में आज भी इंटरनेट नहीं है। यहां के ग्रामीण लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की मदद से ही पहुंच पाती है। संसाधनों के अभाव में यहां के स्थानीय स्तर के लोग देश दुनिया में क्या चल रहा है उससे पूरी तरह से बेखबर रहते हैं। यहां सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए ब्लॉक स्तर के लेकर पंचायत स्तर के अधिकारी कई किमी पैदल चलकर ग्रामीणों के घर पहुंचकर जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

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पिथौरागढ़ जिले में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात पहली महिला आईएएस अधिकारी वंदना मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। ये अपने स्तर पर जिले में हरसम्भव विकास करने की कोशिश में जुटी रहती हैं।

इसी क्रम में इन्होंने 12-21 फरवरी तक जिले के सभी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में गाँव कनेक्शन फॉउंडेशन के साझा प्रयास से माहवारी एवं स्वच्छता प्रबंधन एवं बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ पर एक खास अभियान चलाया।

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मुख्य विकास अधिकारी वन्दना ने बताया, "एक बार राजकीय कॉलेज में जाना हुआ, जब वहां की टीचर और छात्राओं से बात की तो पता चला कि स्कूल में शौचालय बहुत गन्दे रहते हैं। जब वजह जानी तो पता चला लड़कियां माहवारी के समय पैड और कपड़ा इसमें फेंक देती हैं जिसकी वजह से ये हमेशा गन्दे रहते हैं।"

वन्दना के लिए ये परेशानी छोटी नहीं थी इन्होंने उसी दिन ठान लिया था कि जिले के हर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं को इस परेशानी से छुटकारा दिलाना है।

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गांव कनेक्शन फाउंडेशन की टीम हर ब्लॉक के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जाकर छात्राओं को माहवारी शुरू होने से लेकर पैड निस्तारण तक की जानकारी दे रही है। इस दौरान ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारी मौजूद रहते हैं, जो यहां की छात्राओं को बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के लिए जागरूक कर रहे हैं। हर कॉलेज में पैड निस्तारण के लिए इंसीरेटर मशीन का डैमो भी दिखाया जा रहा है।

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पिथौरागढ़ के राजकीय विद्यालय में एक मशीन इंस्टाल की जाएगी।

पिथौरागढ़ के मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात हुए वन्दना को जिले में अभी लगभग पांच महीने ही हुए हैं।

वन्दना का कहना है, "यहां लगभग 20 प्रतिशत लड़कियां ही सेनेटरी पैड का इस्तेमाल कर पा रही हैं। इन्हें पैड निस्तारण कैसे करना है इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसलिए मैंने इस अभियान की शुरुआत कराई है। जिले में जल्द ही दो सेनेटरी पैड बनाने की मशीन लगेंगी इसके साथ ही हर कॉलेज में इंसीरेटर लगेगा जिससे छात्राओं को माहवारी के दिनों में कॉलेज आने में कोई असुविधा न हो।"

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मुख्य विकास अधिकारी सिर्फ जिले में छात्राओं और महिलाओं के विकास के लिए ही प्रयासरत नहीं हैं बल्कि ये किसानों के लिए यहां की पंचायतों के विकास के लिए भी पूरी तरह से सक्रिय हैं।

वन्दना से जब ये पूछा गया कि आप सरकारी कार्यों की तमाम जिम्मेदारियों के साथ इस तरह के खास अभियान अपने प्रयासों से कैसे आयोजित कर पाती हैं। उन्होंने कहा, "मैं जो भी काम कर रही हूँ ये कुछ भी नया नहीं है। हर अधिकारी अपने स्तर से इस तरह के अभियान चलाने की कोशिश करता है। लड़कियों और महिलाओं के विकास में कोई कमी न रहे ये मेरी पूरी कोशिश है क्योंकि इनकी मुश्किलों और तकलीफों को मैंने बहुत करीब से देखा और महसूस किया है।"

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जिले में महिलाओं को रोजगार मिल पाए, किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल सके, छात्राओं को कॉलेज में किसी तरह की कोई असुविधा न हो, पंचायत स्तर तक हर ग्रामीण को सरकारी योजना का लाभ मिल सके जिसका वो पात्र है। कुछ ऐसे ही प्रयासों को पूरा करने में जिले की मुख्य विकास अधिकारी जुटी हुई हैं।

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