सांप से बचाने वाली छड़ी की ख़बर फर्ज़ी थी, जानिए क्या है पूरा मामला

इस छड़ी को बनाने वालों का दावा है कि इसे उन किसानों के लिए बनाया गया है जो खेत-खलिहानों में काम करते हैं और अनजाने ही सर्पदंश का शिकार बनते हैं

सांप से बचाने वाली छड़ी की ख़बर फर्ज़ी थी,  जानिए क्या है पूरा मामला

ये ख़बर आपको काम की है, क्योंकि ये एक फर्ज़ी ख़बर की पोल खोलती है। पिछले कुछ समय से एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है,जिसमें ये दावा किया गया है कि एक विशेष छड़ी अपने साथ रखने से सांप आसपास भी नहीं फटकेंगे लेकिन ये दावा झूठा है, जानिए कैसे...

इन दिनों एक चमत्कारी छड़ी की बड़ी चर्चा है। इस छड़ी के बारे में दावा किया गया है कि यह ऐसी तरंगे छोड़ती है जिसे भांपकर सांप आपके आसपास भी नहीं फटकेंगे। चूंकि यह छड़ी सोलर बैटरी से चलती है तो बिजली से चार्ज करने का झंझट भी नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे जानकार भी हैं, जिनके मुताबिक सांपों को इस तरह से दूर रखने का यह तरीका एकदम फर्जी है।

आइए पहले जान लें इस छड़ी की खूबियों के बारे में। इसे बनाया है बेंगुलुरू स्थित प्रसादम इंडस्ट्रीज ने और नाम दिया है स्नेक गार्ड। यह आम छड़ी के जैसी दिखती है, बस इसके बीच में अल्ट्रासॉनिक तरंगे पैदा करने वाला एक यंत्र जोड़ दिया गया है। इसे उन किसानों के लिए बनाया गया है जो खेत-खलिहानों में काम करते हैं और अनजाने ही सर्पदंश का शिकार बनते हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते लेकिन डर की वजह से लोग सभी सांपों को मार देते हैं। स्नेक गार्ड को बनाने के पीछे एक वजह यह भी बताई गई है कि जब सांप दूर रहेंगे तो उनके मारे जाने का खतरा भी नहीं रहेगा।

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प्रसादम इंडस्ट्री के संस्थापक वेदोब्रोतो रॉय हैं। उनकी कंपनी ईको फ्रेंडली कर्मा पेपर बैग और कर्मा सिगरेट फिल्टर टिप्स भी बनाती है। इनकी खूबी यह है कि इनमें पौधों के बीज छिपे रहते हैं। जब आपको बैग की जरूरत न हो तो पेपर बैग को मिट्टी में डाल दीजिए, नमी पाते ही ये बीज नन्हें पौधों को जन्म देंगे। इसी तरह सिगरेट के बचे हुए फिल्टर भी अपने भीतर छिपे बीजों को मिट्टी में बिखेरकर हरियाली को बढ़ावा देते हैं। प्रसादम इंडस्ट्री की इस पहल की काफी तारीफ भी हुई है।




ख़बर,फोटो, वीडियो साझा/ शेयर करने से पहले सोचे हज़ार बार: ऐसे करें रिपोर्टलेकिन उनकी 'स्नेक गार्ड' या सांपों से सुरक्षा करने वाली छड़ी अब विवादों में है। जानकारों के मुताबिक यह छड़ी सांपों को दूर नहीं भगा सकती। ऐसा कहने वालों में प्रमुख हैं, जानकी लेनिन। जानकी तमिलनाडु में जंगल के बीच रहती हैं, वह फिल्ममेकर भी हैं। उन्होंने अमेरिकी मूल के मशहूर सर्पविज्ञानी रोमुलस व्हिटकर से विवाह किया है। सांपों और जंगली जीव जंतुओं के बारे में उनके विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जानकी का कहना है कि सांप अल्ट्रासॉनिक तरंगों को नहीं सुन सकते इसलिए छड़ी की बात बकवास और धोखेबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है।

वहीं स्नेक गार्ड के बारे में प्रसादम इंडस्ट्री का कहना है कि यह छड़ी अपने प्रायोगिक रूप में है। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों को इस्तेमाल करने के लिए दिया गया उनका अनुभव अच्छा रहा। जानकी लेनिन के आरोपों के बारे में पूछने पर प्रसादम इंडस्ट्री की ओर से कहा गया कि भारत प्रजातांत्रिक देश है सभी को अपना मत रखने का अधिकार है।

बहरहाल, हमारी सलाह तो यह है कि सांप के जहर से बचने के लिए झाड़फूंक का सहारा न लें, घाव को अच्छी तरह से पानी से धोकर जल्द से जल्द डॉक्टरी सहायता लेने की कोशिश करें। एक और बात ध्यान में रखें कि जिस सांप ने काटा हो उसका हुलिया याद रखें, अगर उसे मार दिया हो तो उसके शव को सुरक्षित रखें ताकि डॉक्टर के पूछने पर उसकी जानकारी दे सकें। यह इसलिए जरूरी है कि आपको तभी विषरोधी टीका या एंटीवेनम इंजेक्शन लगाया जा सकता है जब यह साफ हो जाए कि आपको जहरीले सांप ने ही काटा है और अगर सांप जहरीला था तो उसका जहर किस किस्म का था।


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