गांवों में सस्ती दर पर मिलेगी वाई-फाई सुविधा, 25 हज़ार गांवों में लगेंगे 5 लाख वाई-फाई

साल 2019 के मार्च माह से दूरसंचार मंत्रालय ने 25 हज़ार गांवों में पांच लाख वाई-फाई पहुंचाने और गांवों में इंटरनेट की सुविधा आमतौर पर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है

गांवों में सस्ती दर पर मिलेगी वाई-फाई सुविधा, 25 हज़ार गांवों में लगेंगे 5 लाख वाई-फाईसाभार: इंटरनेट

साल 2019 के मार्च माह से दूरसंचार मंत्रालय ने 25 हज़ार गांवों में पांच लाख वाई-फाई पहुंचाने और गांवों में इंटरनेट की सुविधा आमतौर पर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए टेंडर्स के आधार पर, सरकारी कंपनी टेलीकॉम कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) और भारतीय टेलीफोन इंडस्ट्री लिमिटेड (आईटीआई) को ग्रामीण क्षेत्रों में वाई-फाई लगाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

वाई-फाईसाभार: इंटरनेट

जुलाई में वाई-फाई का टेंडर हुआ था जारी

दूरसंचार मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि "पहले दिसंबर तक इनकी (वाई-फाई) स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन हम अगले मार्च (2019) में लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।" सरकार ने 25 हज़ार गांवों में जुलाई माह में ही पांच लाख वाई-फाई और हॉट-स्पॉट लगाने की मंज़ूरी देते हुए टेंडर जारी कर दिया था।

अधिकारी ने बताया कि "जारी किए गए टेंडर में टीसीआईएल की बोली सबसे कम है, जिसके करीब आईआईटी भी है। उम्मीद है कि आईआईटी और टीसीआईएल समान रूप से इस काम को अंजाम देंगे।" उन्होंने बताया कि "ढाई लाख सार्वजनिक वाई-फाई लगाने का जिम्मा टीसीआईएल और उतने का ही जिम्मा आईटीआई को मिलेगा। आम जनता को सस्ती दर पर इंटरनेट सेवा मुहैया कराने की दूरसंचार नियामक ट्राई की सिफारिशों पर कुछ माह पहले ही टेलीकॉम आयोग ने मुहर लगाई थी।

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ग्राहक किसी भी कंपनी का वाई-फाई कर सकेंगे उपयोग

दूरसंचार मंत्रालय के अनुसार "मोबाइल आने के बाद एसटीडी-पीसीओ व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है लेकिन देशभर में 5 लाख सार्वजनिक वाई-फाई, हॉट स्पॉट शुरू होने के बाद ऐसी ही व्यवस्था पीडीओ के रूप में आएगी।"

ग्राहक किसी भी कंपनी के वाई-फाई इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन इसके लिए इंटरनेट सुविधा प्रदान करने वाली कंपनियों के बीच इंटरपोर्टेबिलिटी सहमति आवश्यक है। ट्राई ने एसटीडी-पीसीओ पर आधारित पीडीओ (सार्वजनिक डाटा कार्यालय) मॉडल को अपनी सिफारिशों में पेश किया था। पीडीयो मॉडल से डाटा कार्यालय हर जगह लगाया जा सकेगा।

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पांच रुपए से लेकर 50 रुपए तक के मिलेंगे डाटा कूपन

ट्राई कंपनी ने इसका पायलट प्रोजेक्ट बंगलूरू में शुरू किया था जहां उसे कामियाबी हासिल हुई। ट्राई के मुताबिक न केवल इस सेवा से पूरे देश में वाई-फाई को बढ़ावा मिलेगा बल्कि बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा।

वाई-फाई डाटा ग्राहकों को कूपन के तौर पर लेना होगा। इसे पांच रुपए से लेकर 50 रुपए तक में ग्राहक आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा से छोटे ऑपरेटर्स बाजार में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। ग्रहकों की ज़रूरत के मुताबिक छोटे इंटरनेट रिचार्ज पैक भी मुहैया कराए जाएंगे।

ट्राई के अलावा टेलीकॉम कंपनियों ने भी अलग से दस लाख सार्वजनिक वाई-फाई लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना की शुरूआत के साथ ही तीन साल के भीतर ही हॉट-स्पॉट की संख्या तीन गुनी यानी 15 लाख हो जाएगी।

साभार: एजेंसी

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