इस चुनाव में वोट देते ही निकलेगी पर्ची, बताएगी किसे दिया मत

इस चुनाव में वोट देते ही निकलेगी पर्ची, बताएगी किसे दिया मत

कन्नौज। लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2019 का ऐलान मार्च में होने की संभावना है। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होने वाले चुनाव में इस बार वोट देते ही एक पर्ची भी निकलेगी जो बताएगी कि आपका वोट किसे गया, लेकिन यह पर्ची किसी भी मतदाता को दी नहीं जाएगी। सिर्फ सात सेकेण्ड तक देखी जा सकेगी।

प्रभारी अधिकारी ईवीएम कन्नौज/चकबंदी अधिकारी रवीन्द्र नाथ पाण्डेय बताते हैं, "यूपी में वीवीपैट का इस्तेमाल वर्ष 2017 के चुनाव में लखनऊ की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में हुआ था। इस बार हर जगह होगा। चुनाव केइस चुनाव में वोट देते ही निकलेगी पर्ची, बताएगी किसे दिया मत दौरान मैं वहीं था।" आगे बताया कि "कन्नौज में जो ईवीएम आई हैं वह सीधे फैक्ट्री से आई हैं। इसके लिए मैं बंगलौर गया था। वहां कईइंजीनियरों ने जांच भी की।"

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"पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ी थीं, वहां की ईवीएम मशीन भी यहां आई हैं। मतगणना के दौरान एक विधानसभा के किसी एक बूथ की ईवीएम के कंट्रोल यूनिट पर दिखने वाले मतों और वीवीपैट से निकलने वाली पर्ची की गिनती भी की जाएगी। ऐसा चुनाव आयोग ने रैण्डम चैकिंग करने के लिए कहा है।"

पूर्व प्रधानाचार्य और ईवीएम के जानकार मेजर एनसी टण्डन बताते हैं, "जब कोई मतदाता मतदान करेगा तो इस बार ईवीएम से कनेक्ट वीवीपैट मशीन से पर्ची निकलेगी जो सात सेकेण्ड तक दिखेगी। उसके बाद वह ड्राप बॉक्स में गिर जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से यह पर्ची मतदाता को नहीं दी जाएगी। मतदाता इसको देख जरूर सकेगा कि मतदान किस प्रत्याशी को किया है।"

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार ने बताया, "इस बार हर जगह वीवीपैट का इस्तेमाल होगा। बीते विधानसभा चुनाव में लखनऊ और कानपुर जैसे महानगरों में वीवीपैट का इस्तेमाल हुआ था। जिले में प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है जो तीन दिनों तक चलेगा।"

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सूबे में शुरू हुआ मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण

देश में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान कराने के लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देने का सिलसिला यूपी में शुरू हो चुका है। कन्नौज में भी कलक्ट्रेट सभागार में मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। बाद में यही ट्रेनर पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे।

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