'फोनी' के कारण उड़ीसा की पाटकुरा सीट पर मतदान टला, केन्द्र से 1000 करोड़ रुपए की राहत

लखनऊ। उड़ीसा में आए फोनी चक्रवात के कारण चुनाव आयोग ने पाटकुरा सीट पर होने वाला मतदान टाल दिया है। यह सीट राज्य के तटीय इलाके के केंद्रपाड़ा जिले में है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, उड़ीसा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) सुरेंद्र कुमार ने बताया, "चक्रवात फोनी के कारण हुई भारी तबाही के मद्देनजर चुनाव आयोग ने पाटकुरा विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव कराने की अवधि 60 दिन बढ़ाने का फैसला किया है। स्थानीय स्थिति का आंकलन करने के बाद मतदान की तारीख तय की जाएगी।"

इससे पहले, चुनाव आयोग ने पाटकुरा विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान की तारीख 19 मई तय की थी। उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चक्रवात के दस्तक देने से पहले चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि चक्रवात के मद्देनजर वह चुनावों को टाल दे।

राज्य सरकार ने कहा था कि जब लोग आपदा से जूझ रहे हों तो चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए। पाटकुरा में पहले 29 अप्रैल को चुनाव कराए जाने थे, लेकिन बीजद उम्मीदवार बेद प्रकाश अग्रवाल के 20 अप्रैल को हुए निधन के कारण इस सीट पर मतदान टाल दिया गया था। इसके बाद आयोग ने मतदान की तारीख 19 मई तय की थी।

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तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा, उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान चक्रवात फोनी से प्रभावित हुए लोगों की मदद के लिए सामने आए हैं। राज्य में चक्रवात की चपेट में आकर अभी तक 35 लोगों की जान जा चुकी है।

दलाई लामा कार्यालय की ओर से पटनायक को लिखे एक पत्र में कहा गया, उड़ीसा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए मैं दलाई लामा ट्रस्ट से राहत एवं पुनर्नर्मिाण के प्रयासों के लिए दस लाख रुपए दान देता हूं।

दलाई लामा ने चक्रवात का सामना करने के लिए उड़ीसा सरकार द्वारा उठाए कदमों की सराहना की। साथ ही मारे गए लोगों और राज्य में हुई क्षति पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सक्रिय कार्रवाई के चलते लोग कम प्रभावित हुए हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री पटनायक ने चक्रवात प्रभावित लोगों के लिए अपना एक साल का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष को देने की घोषणा की। केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने भी अपना एक महीने का वेतन दान दिया है।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 11 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष को दान दिए हैं। जबकि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु सरकार ने 10-10 करोड़ रुपए चक्रवात पीड़ितों के लिए दिए हैं। वहीं उत्तराखंड सरकार ने पांच करोड़ रुपए दिए हैं।

वहीं केन्द्र सरकार ने उड़ीसा की मदद के लिए एक हज़ार करोड़ रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की है। पत्र सूचना कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ये सूचना दी।

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