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मोदी की बायोपिक पर अभी कोई निर्णय नहीः सुप्रीम कोर्ट

सोमवार को कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फिल्म को अभी सेन्सर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है इसलिए इस पर कोई भी आदेश नहीं दिया जा सकता।

मोदी की बायोपिक पर अभी कोई निर्णय नहीः सुप्रीम कोर्ट

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। सुप्रीम कोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी पर बन रही बायोपिक फिल्म पर किसी भी तरह का आदेश देने से इनकार कर दिया है। सोमवार को कांग्रेस नेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फिल्म को अभी सेन्सर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलना बाकी है इसलिए इस पर कोई भी आदेश नहीं दिया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि इस मामले में तब तक कोई आदेश नहीं पारित किया जा सकता जब तक यह रिकॉर्ड में ना आ जाए कि उस फिल्म में क्या आपत्तिजनक है? कोर्ट ने कहा फिल्म में ऐसा क्या है, जो बहुत ही आपत्तिजनक है, अगर उसे रिकॉर्ड में लाए तो फिर इस पर कुछ आदेश पारित हो सकता है। इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।

कोर्ट ने कांग्रेस कार्यकर्ता अमन पंवार का यह अनुरोध भी ठुकरा दिया कि फिल्म की एक प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जाए। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जब फिल्म की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, हम किसी व्यक्ति को फिल्म की प्रति देने का निर्देश क्यों दें? कोर्ट ने इस संबंध में चार अप्रैल को सेन्सर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी द्वारा दिए गए एक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें जोशी ने कहा था कि फिल्म इस समय जांच और प्रमाणन की प्रक्रिया में है।

उन्होंने कहा था कि फिल्म निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही जांच और प्रमाणन प्रक्रिया के दौर में है और इसे अभी प्रमाणित किया जाना बाकी है। चूंकि फिल्म के प्रमाण से जुड़े अनेक सवाल हैं इसलिए वह एक साफ तस्वीर पेश करना चाहते हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि फिल्म निर्माता संदीप सिंह ने बयान दिया था कि 11 अप्रैल को फिल्म प्रदर्शित की जाएगी। इस पर पीठ ने कहा कि हो सकता है कि सेन्सर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिल जाने की उम्मीद में निर्माता ने इस बायोपिक को 11 अप्रैल को प्रदर्शित करने के बारे में बयान दिया हो। पीठ ने कहा कि इस समय फिल्म के प्रदर्शन को चुनौती देने की कोई वजह नजर नहीं आती है।

सिंघवी ने कहा कि इस फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति देना संविधान के ढाचे पर सीधा हमला होगा। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश खुद पहले फिल्म देख सकते हैं और फिर मामले का फैसला कर सकते हैं। सिंघवी ने कहा कि चुनाव को देखते हुए इस फिल्म का दूरगामी प्रभाव होगा क्योंकि इसे देश भर में करीब 40 दिन तक प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभिनेता विवेक ओबेराय को बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में स्टार प्रचारक नामित किया है जबकि उनके पिता भाजपा के सदस्य हैं।

आपको बता दें कि पीएम नरेन्द्र मोदी शीर्षक वाली बायोपिक फिल्म पांच अप्रैल को प्रदर्शित होनी थी लेकिन इसे अगली नोटिस तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि इससे पहले मुंबई हाई कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इन्दौर पीठ फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने और इसका प्रदर्शन स्थगित करने के अनुरोध को ठुकरा चुकी है।


(भाषा से इनपुट के साथ)

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