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कोरोना वायरस: क्‍या है लॉकडाउन, जानें क्‍या-क्‍या रहेगा खुला और क्‍या नहीं करना है

कोरोना वायरस: क्‍या है लॉकडाउन, जानें क्‍या-क्‍या रहेगा खुला और क्‍या नहीं करना है

''जनता कर्फ्यू भले ही रात 9 बजे खत्‍म हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम सेलिब्रेशन शुरू कर दें। इसको सफलता न मानें। यह एक लंबी लड़ाई की शुरुआत है।'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्वीट रविवार की शाम को किया। पीएम मोदी जिस लंबी लड़ाई का जिक्र कर रहे हैं वो है कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लोगों का घरों में रहना। इसी के तहत केंद्र सरकार ने देश के उन 75 जिलों को लॉकडाउन कर दिया है जहां कोरोना के पॉजिट‍िव केस पाए गए हैं।

क्‍या होता है लॉकडाउन?

लॉकडाउन का मतलब है कि इस दौरान आपातकालीन/आवश्‍यक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर रोक लगा दी जाती है। लॉकडाउन की स्थिति में किसी भी शख्स को जीवन जीने के लिए बुनियादी और आवश्यक चीजों को लेने के लिए ही बाहर निकलने की इजाजत होती है। जैसे अगर किसी को राशन, दवा, सब्जी की जरूरत है तो वह बाहर जा सकता है। साथ ही एटीएम और अस्‍पताल भी खुले रहते हैं। लॉकडाउन का मतलब कर्फ्यू नहीं होता है। कर्फ्यू के वक्‍त राशन और दूध जैसी आवश्‍यक दुकानें भी बंद रहती हैं।

लॉकडाउन का फैसला लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सह-सचिव लव अग्रवाल ने कहा था, 'लॉकडाउन से लोगों को थोड़ी असुविधा ज़रूर होगी, लेकिन इसके पीछे की नीयत को समझने की जरूरत है। कोरोना महामारी से बचने के लिए यह तरीका पूरी दुनिया अपना रही है।'

क्‍या-क्‍या खुला रहेगा?

लॉकडाउन में लोग आवश्‍यक चीजें ले सकते हैं। इन आवश्‍यक चीजों में दवा, राशन, दूध, पेट्रोल और बैंकिंग सेवा शामिल है। यानी दवाओं की दुकानें, राशन की दुकानें, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। साथ ही सीएनजी/एलपीजी पंप और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे। बैंकिंग और एटीएम की सुविधा जारी रहेगी। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी काम करते रहेंगे।

एक बात यह भी है कि अगर कोई लॉकडाउन का पालन नहीं करता है और बिना जरूरी वजह के बाहर निकलता है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकती है। उस शख्‍स पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

क्‍यों लिया गया लॉकडाउन का फैसला?

कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है। ऐसे में इसके ल‍िए जरूरी है कि लोग सोशल डिस्‍टेंस बनाए रखें। अभी भारत में कोरोना दूसरे स्‍टेज से तीसरे स्‍टेज में जा रहा है। ऐसे में आम लोगों के बीच इसके फैलने की आशंका ज्‍यादा है। अगर लोग एक दूसरे से मिलते रहेंगे तो यह तेजी से फैल सकता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला लिया है।

केंद्रीय मंत्रालय की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में रविवार को लव अग्रवाल ने कहा, ''पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में बढ़ोत्‍तरी हुई है। ऐसे में हमारे सामने यह चुनौती है कि हमें वायरस का चेन ऑफ ट्रांसमिशन रोकना है। इसके तहत केंद्र सरकार ने सभी राज्‍य सरकारों को कहा है कि वो आदेश जारी करें कि जो 75 जिले हैं जहां कोरोना के पॉजिट‍िव केस पाए गए हैं वहां सारी सर्विसेज को रोकते हुए केवल आवश्‍यक सर्विसेज ही चलाई जाएं। राज्‍य सरकार अपने हिसाब से लॉकडाउन किए गए जिलों की संख्‍या बढ़ा भी सकती है।''

किन-किन देशों में लॉकडाउन?

कोरोना की वजह से फिलहाल चीन, अमेरिका, इटली, स्‍पेन, फ्रांस, आयरलैंड, ब्रिटेन, डेनमार्क और पोलैंड में लॉकडाउन किया गया है। चीन के वुहान शहर में सबसे पहले कोरोना वायरस फैला था, ऐसे में चीन ने लॉकडाउन से ही इस वायरस को अपने देश के अन्‍य हिस्‍सों में फैलने से रोका है। हालांकि कई देशों के कुछ इलाकों में लोगों ने लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं लिया, ऐसे में वहां की सरकार ने इस लागू कराने के लिए फौज की सहायता भी ली है।

भारत में भी अभी लॉकडाउन को लेकर उस हिसाब से लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ट्वीट किया कि ''लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, न‍िर्देशों का गंभीरता से पालन करें। राज्‍य सरकार से मेरा अनुरोध है कि वो न‍ियमों और कानूनों का पालन करवाएं।''

कोरोना वायरस को लेकर गांव कनेक्‍शन की अपील

कोरोना की अभी दवा नहीं बनी है। ऐसे में बचाव ही इसका इलाज है। कोरोना के वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाएं। साथ ही सरकार द्वारा जारी किए गए लॉकडाउन का पालन करें। वक्‍त-वक्‍त पर हाथ धोते रहें। सर्दी, जुखाम और बुखार होने की स्‍थ‍िति में डॉक्‍टर से सलाह लें। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं, सजग रहकर संक्रमण से बचने की जरूरत है।


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