भारत में आधे से ज्यादा डॉक्टरों के पास योग्यता नहीं वाली डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट गलत 

भारत में आधे से ज्यादा डॉक्टरों के पास योग्यता नहीं वाली डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट गलत डॉक्टरों के पास पर्याप्त योग्यता है।

नई दिल्ली (भाषा)। केंद्र सरकार ने आज कहा कि भारत में 57 प्रतिशत एलोपैथिक डॉक्टरों के पास चिकित्सकीय योग्यता नहीं होने के दावे वाली विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट गलत है और सभी पंजीकृत डॉक्टरों के पास आवश्यक योग्यता है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा ने लोकसभा में पीके श्रीमती टीचर के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत में स्वास्थ्य श्रमशक्ति शीर्षक से अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत में 57 प्रतिशत डॉक्टरों के पास चिकित्सकीय योग्यता नहीं है। यह रिपोर्ट गलत है क्योंकि किसी राज्य के मेडिकल रजिस्टर में पंजीकृत डॉक्टर के रुप में नाम दर्ज कराने के लिए न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस है और इस तरह सभी पंजीकृत डॉक्टरों के पास चिकित्सकीय योग्यता है।

भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 की धारा 15 के तहत ऐसे किसी भी व्यक्ति को राज्य में प्रेक्टिस की अनुमति नहीं है जिसका नाम राज्य मेडिकल रजिस्टर में दर्ज नहीं हो

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नड्डा ने कहा कि चूंकि स्वास्थ्य राज्य का विषय है इसलिए इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों से निपटने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अनुरोध किया है कि कानून के तहत ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ उचित कारवाइ की जाए।

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