20 महीने में ही क्यों टूटा महागठबंधन ? नीतीश कुमार ने क्यों दिया इस्तीफा ? ये रहे बड़े कारण

20 महीने में ही क्यों टूटा महागठबंधन ? नीतीश कुमार ने क्यों दिया इस्तीफा ? ये रहे बड़े कारणराज्यपाल से मिलने के बाद राजभवन से बाहर आते नीतीश कुमार।

लखनऊ। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद आज अपना इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ ही 20 महीने से चल रही महागठबंधन (जेडीयू-कांग्रेस-आरजेडी) की सरकार का अंत हो गया। पिछले 15 दिन से बिहार में सियासी खींचतान चल रही थी। लालू यादव के बेटे और बिहार में डिप्टी सीएम तेजस्वी पर करप्शन के आरोपों के चलते विवाद चल रहा था।

इसके पीछे की कहानी राष्ट्रपति चुनाव से भी शुरू होती है। महागठबंधन में पहले इस बात पर सहमति थी कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक साझा उम्मीदवार घोषित किया जाए। महागठबंधन के द्वारा उम्मीदवार घोषित करने से पहले एनडीए ने रामनाथ कोविंद को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। ऐसे ही कई और अन्य कारण भी हैं जिस कारण ये गंठबंधन टूट गया। डालते हैं इन पर एक नजर.....

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घोटाले के आरोपों में फंसा हुआ है लालू का परिवार

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का परिवार घोटाले के आरोपों में फंसा हुआ है। जिसे लेकर बीजेपी लगातार आरजेडी को घेर रही है। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी इसे लेकर महागठबंधन की सरकार पर निशाना साध रहे थे और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। नीतीश कुमार के इस्तीफे के पीछे का ये सबसे बड़ा कारण रहा।

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विपक्ष का लगातार दबाव

नीतीश कुमार की सरकार पर विपक्षा लगातार दबाव बना रहा था। बीजेपी ने नीतीश कुमार से लालू यादव के दोनों बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की थी। सुशील मोदी ने नीतीश कुमार को ‘धमकी’ देते हुए कहा था कि अगर नीतीश कुमार ने दोनों को बर्खास्त नहीं किया तो 28 जुलाई से विधानसभा सत्र नहीं चलने देंगे।

रेलवे टेंडर घोटाले में तेजस्वी का नाम

लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव का नाम जहां रेलवे टेंडर घोटाले में आया है तो वहीं बड़े बेटे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप पर अवैध रूप से पेट्रोल पंप अपने नाम करवाने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर तेजप्रताप के पेट्रोल पंप को सीज़ करने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी।

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