विश्व मत्स्य दिवस 2022: जानिए इस साल किसे मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य, जिला और किसान का पुरस्कार

विश्व मत्स्य दिवस पर सर्वश्रेष्ठ राज्य, जिला, हैचरी और मछली पालक के पुरस्कार दिए जाते हैं, जानिए इस बार किस राज्य, जिले और किसान को यह सम्मान मिला है।

विश्व मत्स्य दिवस 2022: जानिए इस साल किसे मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य, जिला और किसान का पुरस्कार

देश की एक बड़ी जनसंख्या मछली पालन से जुड़ी हुई है, मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हर साल अलग-अलग राज्यों और जिलों को मछली पालन के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार दिया जाता है। इस बार भी कई राज्यों और उनके जिलों को मछली पालन के क्षेत्र में पुरस्कार दिए गए हैं।

राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद ने तीन श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ राज्यों को चुना है। सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय प्रदेश का पुरस्कार छत्तीसगढ़ को मिला है। जबकि सर्वश्रेष्ठ समुद्री राज्य का पुरस्कार कर्नाटक को मिला है, वहीं पर सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्य का पुरस्कार हिमाचल प्रदेश को दिया गया है।

सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय और समुद्री अर्ध सरकारी संगठन/महासंघ/निगम/बोर्ड का पुरस्कार एमपी फिशरीज फेडरेशन, भोपाल, और केरल स्टेट कॉपरेटिव फेडरेशन फॉर फिशरीज डेवलपमेंट, केरल को मिल रहा है।


मछली पालन में सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय जिले का पुरस्कार तमिलनाडु के थंजावुर को दिया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ समुद्री जिले का पुरस्कार आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले को दिया गया है। वहीं सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और उत्तर पूर्वी जिले का अवार्ड असम के उदलगुरी जिले को मिला है।

सर्वश्रेष्ठ अंतर्देशीय क्षेत्र में मछली पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ मछली पालक का पुरस्कार उत्तर प्रदेश के सुजीत कुमार, सर्वश्रेष्ठ समुद्री मछली पालक का पुरस्कार आंध्र प्रदेश के तिरुमनि नागार्जुन और सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्य के किसान देबजीत बर्मन को दिया गया है।

विश्व भर में सभी मछुआरों, मछली किसानों और संबंधित हितधारकों के साथ एकजुटता को प्रदर्शित करने के लिए हर वर्ष 21 नवंबर को विश्व मत्स्य दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1997 में हुई थी।


भारत सरकार देश में नील क्रांति के माध्यम से इस क्षेत्र को बदलने और आर्थिक क्रांति का शुभारंभ करने में अग्रणी है। भारत दुनिया में जलीय कृषि के माध्यम से मछली उत्पादन करने वाला दूसरा प्रमुख उत्पादक देश है। भारत वैश्विक मछली उत्पादन में लगभग 7.7 प्रतिशत योगदान देता है और देश मछली उत्पादों के वैश्विक निर्यात में चौथे स्थान पर है।

मत्‍स्‍य विभाग की ओर आर्थिक रूप से कमजोर मत्‍स्‍य पालकों को आवास के साथ समय पर मत्‍स्‍य बीज उपलब्‍ध करा उनकी आमदनी बढ़ाने काम किया जा रहा है। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की शुरूआत की है। इसे आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत साल 2020-21 से साल 2024-25 तक सभी प्रदेशों और संघ शासित राज्यों में लागू करना है।

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