मीना कुमारी को अमरोही ने नहीं दिया था तीन तलाक़, झूठी है सोशल मीडिया पर चल रही ख़बर

मीना कुमारी को  अमरोही ने नहीं दिया था तीन तलाक़, झूठी है सोशल मीडिया पर चल रही ख़बरमीना कुमारी और कमाल अमरोही

लखनऊ। मंगलवार को तीन तलाक़ पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया, उस दिन से मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस मीना कुमारी को लेकर एक ख़बर तमाम न्यूज़ वेबसाइट से लेकर सोशल मीडिया पर चल रही है। हज़ारों लोग इसे शेयर कर चुके हैं लेकिन ये ख़बर झूठ है।

बूम लाइव की ख़बर के मुताबिक, ये ख़बर झूठी है क्योंकि कमाल अमरोही शिया समुदाय से ताल्लुक रखते थे और शिया समुदाय 'तलाक़-ए-बिद्दत' जिसे आसान भाषा में 'तीन तलाक़' कहा जाता है, को नहीं मानता।

सोशल मीडिया पर जो ख़बर शेयर की जा रही है उसके मुताबिक, फिल्म अभिनेत्री मीना कुमारी को उनके शौहर कमाल अमरोही ने गुस्से में आकर तीन तलाक दे दिया था। बाद में पछतावा होने पर उन्होंने फिर मीना कुमारी से निकाह करना चाहा लेकिन तब इस्लामी धर्म गुरुओं ने बताया कि इसके लिए मीना कुमारी का हलाला करना पड़ेगा। तब कमाल अमरोही ने मीना कुमारी का निकाह अपने दोस्त अमान उल्ला खां (जीनत अमान के पिता) से करवाया।

मीना कुमारी को अपने नए शौहर के साथ हम बिस्तर होना पड़ा। फिर इद्दत यानि मासिक आने के बाद उन्होंने अपने शौहर से तीन तलाक लेकर अपने पुराने शौहर कमाल अमरोही से दोबारा निकाह किया। मीना कुमारी ने लिखा था - जब मुझे धर्म के नाम पर अपने जिस्म को दूसरे मर्द को सौंपना पड़ा तो फिर मुझमें और वेश्या में क्या फर्क रहा? 'हलाला' आपसी सामंजस्य की एक प्रथा है जिसमें तलाक़शुदा महिला का किसी दूसरे व्यक्ति से निकाह किया जाता है और उस दूसरे व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने के बाद वो पुरुष उसे तलाक़ दे देता है जिसके बाद महिला का निकाह फिर से उसके पहले पति से किया जा सकता है।

बूम लाइव के मुताबिक, मीना कुमारी पर कई ख़बरें लिखी गईं जिसमें धर्मेंद्र के साथ उनके अफेयर की ख़बरें भी थीं लेकिन किसी भी ख़बर में उनके तलाक़ के बारे में ज़िक्र नहीं था। यहां तक कि वरिष्ठ पत्रकार रह चुके विनोद मेहता ने मीना कुमारी की जो आत्मकथा 'मेन हू लव्ड एंड लेफ्ट मीना कुमारी' लिखी, उसमेंं भी ऐसा कुछ नहीं था।

लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर की गई इन ख़बरों को हर किसी ने सच नहीं माना। राना सफवी नाम की एक इतिहासकार और लेखक ने सबसे पहले इस ख़बर को झूठ बताया। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा - बकवास। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। मीना कुमारी और कमाल अमरोही शिया थे जो तीन तलाक और हलाला को नहीं मानते।

जब रिश्ते में आई दरार

इंडिया टुडे की ख़बर के के मुताबिक, 1964 मीन कुमारी और कमाल अमरोही के रिश्ते में दरार आई थी। फिल्म 'पिंजड़े' के पंछी' के मुहुर्त के समय मीना अपने मेकअप रूम में थीं जब अमरोही के असिस्टेंट बक़र अली ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। मीना की गलती बस इतनी थी कि उन्होंने ज़ोर देकर कहा था कि गीतकार गुलज़ार को अपने मेकअप रूम में आने दिया जाए। लेकिन इस घटना के बाद मीरा कुमारी ने घर जाने से मना कर दिया। उन्होंने बक़र अली से कहा कि कमाल साहब से कह देना, मैं आज रात घर नहीं आऊंगी। इसके बाद मीना कुमारी अपनी बहन मधु जो अभिनेता महमूद की पत्नी थीं, के साथ रहने लगीं। इसके बाद कमाल अमरोही ने उन्हें बहुत बार वापस बुलाने की कोशिश की लेकिन वे कभी वापस नहीं गईं।

बूम लाइव के मुताबिक, उन्होंने मीना कुमारी पर एक नाटक 'दास्तान-ए-दर्द' बनाने वाले नाटककार दानिश इक़बाल से भी बात की। दानिश ने मीना कुमारी की जिंदगी पर काफी रिसर्च की है। दानिश के मुताबिक, मीना कुमारी का तीन तलाक नहीं हुआ था। इक़बाल ने बूम को बताया कि ख़बरों के विपरीत मीना कुमारी कमाल अमरोही को छोड़कर चली गई थीं।

दानिश ने बताया कि मैंने कमाल अमरोही के ऐसे कई ख़त पढ़े हैं जो उन्होंने मीना कुमारी को लिखे हैं जिसमें उन्होंने मीना कुमारी से वापस आने का आग्रह किया है। दानिश बताते हैं कि ऐसी भी कुछ ख़बरे हैं जिनके मुताबिक, अमरोही ने अपने एक कर्मचारी को मीना कुमारी पर नज़र रखने के लिए कहा था जिससे दोनों के रिश्ते में दरार आ गई थी।

मीना कुमारी की ज़िंदगी

मीना कुमारी का नाम महजबीन बानो था। उनके पिता मास्टर अली बख्श सुन्नी मुसलमान और मां इक़बाल बेगम बंगाली क्रिश्चियन थीं जिनका नाम प्रभावती देवी था, उन्होंने इस्लाम क़बूल कर लिया था।

1952 में 19 साल की उम्र में मीना कुमारी ने 34 साल के लेखक और निर्देशक कमाल अमरोही से शादी की। मीना कुमारी की यह पहली शादी थी और कमाल अमरोही की तीसरी (बिलकिस बानो उनकी पहली और महमूदी दूसरी बीवी थीं)। ख़बरों के मुताबिक, अमरोही मीना कुमारी से पहली बार तब मिले थे जब वह 6 साल की थीं, उस वक्त अमरोही एक चाइल्ड आर्टिस्ट को कास्ट कर रहे थे।

बूम लाइव के मुताबिक, 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी की लिवर सिरोसिस से मौत हो गई, ऐसा अधिक शराब पीने के कारण हुआ था। उन्हें मुंबई के मझगाँव के नरियलवाड़ी स्थित शिया समुदाय के रहमताबाद क़ब्रिस्तान में दफनाया गया था। 1983 में जब कमाल अमरोही की मौत हुई थी तो उन्हें भी इसी क़ब्रिस्तान में मीना कुमारी के पास दफनाया गया।

इस बात की पुष्टि अमरोही की दूसरी बीवी महमूदी के बेटे ताजदार अमरोही ने भी की। ताजदार अपनी सौतेली मां पर एक फिल्म 'छोटी अम्मी' बनाने की प्लानिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने भी कई बार ऐसा कहा है कि मीना कुमारी और पिता कभी भी क़ानूनी तौर पर अलग नहीं हुए थे हालांकि उनकी शादी टूट गई थी।

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