धोखाधड़ी करने वाला लेखपाल निलंबित

धोखाधड़ी करने वाला लेखपाल निलंबित

कानपुर। सदर तहसील क्षेत्र के लेखपाल विनोद द्विवेदी ने जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी पौने चार बीघा जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दी। लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है और डीएम कौशल राज शर्मा ने लेखपाल को चार्जशीट देने का आदेश दिया।

बिठूर के लक्ष्मी खेड़ा निवासी छेदी की मृत्यु वर्ष 2010 में हुई थी लेकिन लेखपाल विनोद द्विवेदी ने उन्हें वर्ष 1997 में ही मृतक करार दे दिया। लेखपाल ने छेदी की नौ आराजी और खाता संख्या 35 की पौने चार बीघा जमीन हरी चरण नामक व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दी। छेदी का हरी चरण से कोई संबंध नहीं था। इसका फायदा उठाकर हरी चरण ने सारी जमीन सावित्री और राज कुमारी को बेच दी। ये महिलाएं बिठूर के लक्ष्मी खेड़ा गाँव की हैं। इस जमीन की कीमत 6 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमित सिंह बंशल ने चार्जशीट देने के बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच न्यायिक तहसीलदार को दी गई है। साथ ही निलंबित लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस गोलमाल से तब पर्दा उठ सका, जब छेदी का बेटा आलोक वरासत कराने सदर तहसील पहुंचा। आलोक के मुताबिक लेखपाल ने मनमाने तरीके से विरासत बदली और जमीन दूसरे के नाम ट्रांसफर कर दी। अब डीएम कोर्ट में मुकदमा कराया गया है। इस पर सुनवाई चल रही है। इससे पहले ही डीएम कौशल राज शर्मा ने गलत विरासत दर्ज करने वाले लेखपाल को चार्जशीट देने और विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। इसकी पुष्टि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने की है। विनोद भौंती प्रतापपुर के लेखपाल थे।

रिपोर्टर- राजीव शुक्ला

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