दीवारों के घेरे में चलेंगी गाजियाबाद-कानपुर तक ट्रेनें

दीवारों के घेरे में चलेंगी गाजियाबाद-कानपुर तक ट्रेनेंदीवारों के घेरे. गाजियाबाद-कानपुर ट्रेन

कानपुर। रेल मंत्रलय ने गाजियाबाद से कानपुर तक रेलवे ट्रैक के दोनों ओर 15 फीट ऊंची दीवार खींचने का निर्णय लिया है।

ट्रेनों की गति बढ़ाने या हाई स्पीड ट्रेन चलाने के दौरान ट्रैक पर आवारा जानवरों के आने से होने वाले संभावित हादसों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु रेल बजट में दिल्ली से कानपुर तक हाई स्पीड ट्रेन चलाने की घोषणा कर चुके हैं। 

दिल्ली से आगरा तक हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल भी हो चुका है। वर्तमान में मथुरा से पलवल के मध्य टैल्गो ट्रेन का ट्रायल चल रहा है। अब रेलवे बोर्ड गाजियाबाद से कानपुर तक रेलवे ट्रैक का सर्वे कर रहा है। सर्वे में देखा गया है कि रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों के दोनों ओर करीब 50 किमी दीवार है, अब करीब 370 किमी दीवार खींचना बाकी है। 

सर्वे में गाजियाबाद से कानपुर तक करीब 350 झुग्गी झोपड़ी और आबादी वाले क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। ऐसे ही इटावा और उसके आसपास करीब 70 किमी के क्षेत्र में नीलगाय की संख्या अधिक है। नील गाय समेत अन्य जानवरों के ट्रैक पर आने से कई बार ट्रेनें हादसे का शिकार होते बची हैं। अब रेल मंत्रलय चाहता है कि ट्रैक के दोनों ओर 15-15 फीट ऊंची दीवार बना दी जाए तो हाई स्पीड ट्रेन हो या सामान्य ट्रेनें, कोई खतरा नहीं रहेगा। 

कानपुर मेट्रो को मंजूरी की आस

कानपुर। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना को शहरी विकास मंत्रलय से सहमति मिलने की आस बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश शासन ने इस प्रोजेक्ट के क्विक सर्वे की रिपोर्ट को भी दिल्ली भेज दिया है। साथ में भेजे गए पत्र में आग्रह किया गया है कि सैद्धांतिक सहमति दे दी जाए ताकि प्रोजेक्ट की शुरुआत की जा सके और शिलान्यास का कार्यक्रम तैयार हो सके। 13721 करोड़ की इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार के ही उपक्रम राइट्स ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की थी। शहरी विकास मंत्रलय ने कई विभागों से एनओसी लेने के बाद ही डीपीआर को सैद्धांतिक सहमति देने की बात कही।

जिका के पत्र का हो राह इंतजार

अब जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जिका) के पत्र का भी शासन को इंतजार है। मेट्रो में निवेश के लिए जिका ने जुलाई में ही अपनी रिपोर्ट देने को कहा था। यह अलग बात है कि जब तक केंद्र से मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक जिका भी निवेश नहीं कर सकता क्योंकि निवेश का प्रस्ताव वित्त मंत्रलय की ओर से ही भेजा जाएगा।

दिल्ली से कानपुर के बीच करीब 400 ट्रेनें

दिल्ली से कानपुर के बीच 1700 सिग्नल के भरोसे प्रतिदिन करीब 250 सवारी ट्रेनें व 150 मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। स्वर्णशताब्दी, शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस समेत कई वीआईपी ट्रेनें हैं जिनकी गति 130 किमी प्रति घंटा होने के बाद भी ये ट्रेनें 100 किमी की रफ्तार भी नहीं पकड़ पाती हैं।

अारपीएफ 24 घंटे करेगी गश्त

गाजियाबाद से कानपुर तक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को जिम्मेदारी दी जाएगी वह 24 घंटे इस ट्रैक पर गश्त करे ताकि कोई दीवार को नुकसान नहीं पहुंचा सके।

रिपोर्टर - राजीव शुक्ला

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