Read latest updates about "बाँदा" - Page 1

  • ग्रामीणों की समस्याएं सुलझा रहे डीएम के ‘कमांडो’

    #CivilServicesDay पर बात उन अधिकारियों को जिन्होंने कुछ प्रेरणादायक किया..वर्ष 2016 में बांदा के तत्कालीन जिलाधिकारी ने जिले के सभी 250 अधिकारियों कर्मचारियों को मिलाकर डेली विजिट टीम बनाई थी, इस टीम को कुछ लोग डीएम के कमांडो भी कहने लगे थे.. बांदा। बुंदेलखंड के दूसरे हिस्सों की तरह तरखरी गाँव...

  • बुंदेलखंड: पानी बचाकर ये गाँव बन गया जलग्राम

    जब देशभर से पानी की किल्लत की ख़बरें आ रही हैं, मुझे 2016 में की बुंदेलखंड में 1000 घंटे सीरीज के दौरान की गई ये ख़बर याद आ रही है.. एक गांव की कहानी जो उदाहरण बन सकता है। जखनी (बांदा)। पचास हजार से ज्यादा तालाबों वाले बुंदेलखंड में ज्यादातर तालाब सूखे है। भूगर्भ का जलस्तर सैकड़ों फीट नीचे चला...

  • दहेज हत्या मामले में पति, सास-ससुर को सजा

    बांदा (भाषा)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में मृतका के पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।सहायक शासकीय अधिवक्ता मूलचंद्र कुशवाहा ने बुधवार बताया कि मटौंध कस्बे में पुलिस ने चार सितम्बर 2013 को नवविवाहिता अर्चना का...

  • दूसरों के घर चूल्हा-चौका फिर ब्यूटी पार्लर का कोर्स

    बांदा। पुष्पा रोज सुबह घर से साइकिल लेकर निकल पड़ती है, उसे रोज़ दूसरे गाँव में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना और फिर सुबह आठ बजे 15 किमी दूर अपने ट्रेनिंग सेंटर पहुंचना होता है।“जब हमने इंटर पास किया तो पापा ने कह दिया कि हमारे पास पैसे नहीं हैं आगे पढ़ाने के, अगर तुम अपने आप कमा के पढ़ सकती हो तो कर...

  • बुंदेलखंड की गरीबी मिटा सकते हैं ये जर्जर किले

    बांदा/चित्रकूट। विंध्य पहाड़ियों पर 700 फीट की ऊंचाई पर बना जो कलिंजर का किला कभी जीता न जा सका, वो पर्यटकों के मन को जीत नहीं पा रहा है। कलिंजर किले में जाने के लिए घुमावदार सड़क पर जैसे-जैसे ऊपर बढ़ेंगे नीचे का दृश्य अद्भुत दिखेगा, लेकिन यहां हर रोज मात्र 100 से 200 पर्यटक ही पहुंचते हैं। वहीं...

  • बुंदेलखंड में तेज़ी से बढ़ी छुट‍्टा जानवरों की समस्या

    बांदा स्थित बांदा कृषि एवं प्राद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. ब्रजेश कुमार गुप्ता पिछले एक साल से गाँव-गाँव जाकर लोगों को अन्ना प्रथा रोकने के लिए जागरूक कर रहे है। गाँव कनेक्शन के शेखर उपाध्याय से उनकी बातचीत के अंश।अन्ना प्रथा शुरू होने की मुख्य वजह क्या है, इसकी शुरुआत कैसे हुई?यह...

  • सूखा प्रभावित क्षेत्र में युवाओं के हुनर को निखारने की कोशिश

    बांदा। बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाके के युवाओं के कौशल को निखारने के लिए पिछले नौ वर्षों से रानी दमेले (अंजू) एक छत के नीचे स्वरोजगार परक प्रशिक्षण केन्द्र चला रहीं हैं। उन्होंने अब तक हजारों छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया है।बांदा जिला मुख्यालय से लगभग पांच किलोमीटर दूर महेश्वरी देवी मंदिर के...

  • आवारा पशुओं के लिए खुला गेस्टहाउस, मुफ्त चारा-पानी की व्यवस्था

    बड़ोखर खुर्द (बांदा)। सूखे और पानी संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड में मवेशियों की जान बच सके, इसके लिए एक गाँव में गाय गेस्ट हाउस खोला गया है। यहां की खासियत ये है कि यहां कोई भी जानवर आकर चारा-पानी कर सकता है। लगातार सूखे के चलते छुट्टा जानवरों की संख्या बांदा समेत पूरे बुंदेलखंड में बहुत बढ़ गई...

  • बुंदेलखंड का सूखा तोड़ रहा शादियां, ले रहा जान

    बांदा/ललितपुर। बुंदेलखंड का सूखा लोगों की जान ले रहा है। बांदा के पचनेही गाँव में मंगलवार को एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ज्ञानबाबू की 26 अप्रैल को शादी थी और पैसे का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। सूखे के चलते बुंदेलखंड में पलायन, शादियां टूटने और आत्महत्या का सिलसिला शुरू हो गया है।बांदा जिले...

  • मुख्यमंत्री से जीवन को पहिए मिले पर सड़क नहीं आई

    भदवारी (बांदा)। बांदा से करीब साठ किलोमीटर दूर भदवारी गाँव में रहने वाले देवराज यादव के छोटे से घर में एक तिपहिया साइकिल धूल खा रही है। ये साइकिल उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुदान में दी थी। चालीस साल तक एक पैर पर ही दस बीघे खेत में हल चलाने वाले देवराज तिपहिया को देखकर यही कहते...

  • 'धंधेबाज़ कर रहे बुंदेलखंड की धरती को बदनाम'

    बाँदा। बुंदेलखंड के लोग घास की रोटी खाते हैं। मीडिया और सोशल मीडिया पर हंगामा मचा है। तालबेहट से लखनऊ के कालीदास मार्ग और दिल्ली में संसद मार्ग तक चर्चा हो रही है। सरकार और अधिकारी हैरान हैं तो कुछ लोग बुंदेलखंड को दया की नजरों से देख रहे हैं। लेकिन, कुछ लोग इसे भुनाने में लगे हैं।इस घास की रोटी का...

  • एक पैर से हल चलाने वाले किसान को मुख्यमंत्री ने दिया सहारा

    लखनऊ/बांदा। वर्षों से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में दूसरे किसानों के लिए उम्मीद बने किसान देवराज यादव को सरकारी मदद मिल गई है। एक पैर से दूसरे किसानों के लिए मिसाल बने देवराज यादव को कृत्रिम पैर के साथ पांच लाख रुपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी गई है।देवराज यादव (65 वर्ष) बाँदा जिले के बबेरू...

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