Read latest updates about "सोनभद्र" - Page 1

  • "मैं 15 साल की भी नहीं थी, मां ने साड़ी पहनाकर लड़के वालों के सामने बैठा दिया"

    सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)। 'मैं एक दिन स्कूल से घर आई तो देखा कि घर में कई लोग बैठे हुए हैं। मां मुझे जल्दी पकड़कर कमरे में ले गईं और साड़ी पहना कर तैयार करने लगीं। मैंने मां से पूछा तो चिल्ला कर चुप करा दिया,' इतना बोलकर शांती थोड़ा उदास हो गई।थोड़ी देर बाद शांति (16 वर्ष) ने आगे बताया, 'मुझे साड़ी...

  • हरे चारे के लिए किसान सर्दियों में करें बरसीम की बुवाई 

    सीतापुर। सर्दियों में पशुओं के हरे चारे की सबसे अधिक दिक्कत होती है। ऐसे में किसान अभी बरसीम की बुवाई कर दिसम्बर से मई तक अपने पशुओं को हरा चारा खिला सकते हैं।पांच-छह महीने के लिए हो जाती है फुर्सतसीतापुर जिले के मिश्रिख ब्लॉक के कुंवरापुर गाँव की रहने वाली सुधा पांडेय पशु डेयरी चलाती हैं। सुधा...

  • मुसहर बाहुल्य इस गाँव का हर बच्चा जाता है स्कूल

    लोधी (सोनभद्र)। मॉडल स्कूल लोधी की प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में अलग ही पहचान है। प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और एसएमसी सदस्यों की कोशिश ने इस विद्यालय की रंगत ही बदल दी है। विद्यालय के कमरों में टाइल्स, शौचालय के साथ शानदार किचन और डाइनिंग हॉल बना है। इस स्कूल में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से...

  • इस प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चे सीख रहे बचत का पाठ

    राबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। 'हम हर हफ्ते स्कूल के मिनी बैंक में पैसा जमा करते हैं, जब यहां से निकलेंगे तो एक साथ ढेर सारे पैसे मिल जाएंगे। उससे आगे की पढ़ाई करेंगे।' पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली सुषमा बड़े गर्व से बात बताती हैं। सुषमा की तरह ही स्कूल के अन्य बच्चे भी पैसे जमा करके बचत करना सीख रहे...

  • इस स्कूल में प्रयोगशाला की दीवारें ही बन गईं हैं बच्चों की किताबें

    सोनभद्र। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले पवन को क्लास से अधिक विज्ञान प्रयोगशाला में ज्यादा अच्छा लगता है, तभी तो वो हर दिन कुछ न कुछ नया सीखते रहते हैं। ये हैं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां बच्चे किताबी ज्ञान के साथ ही प्रयोग के जरिए भी सीखते हैं। सोनभद्र जिले के घोरावल ब्लॉक के ढुटेर कला का ये पूर्व...

  • अनोखा स्कूल: जहां ट्रेन के डिब्बों में चलती है बच्चों की स्पेशल क्लास

    घोरावल (सोनभद्र)। हर दिन सुबह बच्चे आते ही ट्रेन के डिब्बे और बस में अपनी-अपनी सीट पर बैठ जाते हैं, इसके बाद दिन भर बच्चों की क्लास यहीं पर लगती है। आपको लग रहा होगा कि स्कूल वो भी ट्रेन और बस में, लेकिन ये सच है। इस सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने विद्यालय को ऐसा पेंट कराया है कि आप भी धोखा खा...

  • सोनभद्र के इस किसान से सीखिए सहफसली खेती के फायदे

    घोरावल (सोनभद्र)। सहफसली खेती से कैसे फायदा कमाया जा सकता है, आप इनसे सीख सकते हैं। एक साथ कई फसल उगाने पर ये फायदा होता है कि अगर किसी फसल का सही दाम नहीं मिला तो दूसरी फसल से मिल ही जाता है। सोनभद्र जिले के घोरावल ब्लॉक के मरसड़ा गाँव के किसान ब्रह्मदेव कुशवाहा आज जिले ही नहीं आस-पास के कई जिलों...

  • सोनभद्र के जिलाधिकारी का प्रयास, एक भी बच्चे का स्कूल न छूटे

    सोनभद्र। एक भी बच्चा स्कूल जाने से न रह जाए इसके लिए प्रदेश भर में सर्वे किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों को और बेहतर बनाया जा सके और शिक्षकों की कमी पढ़ाई के आड़े नहीं आए इसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। सोनभद्र के जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह से इन मुद्दों पर खास चर्चा हुई। सवाल : सरकारी...

  • कई वर्षों से बंद पड़ा दुद्धी का कृषि उपसंभाग भवन खंडहर में हो रहा तब्दील

    दुद्धी (सोनभद्र)। कभी आदिवासी किसानों को कृषि संबंधित नई जानकारी देने के लिए बनाया गया दुद्धी कृषि उपसंभाग भवन आज पूरी तरह से खंडहर हो गया है। सोनभद्र जिले से करीब 70 किमी दूर दुद्धी में कृषि विभाग का कार्यालय आदिवासी कृषकों के हित के लिए स्थापित किया गया था। आए दिन कार्यालय सरकार द्वारा किसान...

  • सोनभद्र: गड्ढे का पानी पीने को मजबूर है यह परिवार

    दुद्धी (सोनभद्र)। पैंतालीस वर्षीय पिन्टु चेरो को जब शाहपुर गाँव में पट्टे पर ज़मीन मिली थी तो वह काफी खुश थे कि अब अपने परिवार का और बेहतर तरीके से लालन पोषण कर सकेंगे। लेकिन पिछले कई वर्षों से इस गाँव मे न तो बिजली की कोई व्यवस्था है और न ही पानी की कोई सुविधा है यहां तक कि वो गड्ढे का पानी पीने...

  • सोनभद्र में मां के सामने ही आग से झुलसने से तीन बच्चों की मौत

    सोनभद्र ज़िले के राबर्ट्सगंज कोतवाली के तेंदू गाँव में लगी आग में एक ही परिवार के तीन बच्चों की जलकर मौत हो गई।इस घटना में सन्दिग्ध परिस्थितियों में एक छप्पर में आग लग गयी, जिसमें अपने तीन बेटियों और एक बेटे के साथ सो रही मां के आंखों के सामने उसकी दो बेटियां मुस्कान (5 वर्ष) व रुक्सार (6 वर्ष) और...

  • वीडियो : आप भी कर सकते हैं रेशम कीट पालन, सरकार देती है सब्सिडी, जानें कैसे

    दुद्धी (सोनभद्र)। सोनभद्र में मूल रूप से जंगलों में रहने वाले एक हजार परिवार अर्जुन के पेड़ों पर रेशम के कीटपालन का कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख रेशम कोया से रेशम बनाया जा रहा है, जिसका बाजार मूल्य लगभग एक करोड़ का होता है। भारत में 60 लाख से भी अधिक लोग विभिन्न रेशम कीट...

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