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कई वर्षों से बंद पड़ा दुद्धी का कृषि उपसंभाग भवन खंडहर में हो रहा तब्दील

सोनभद्र के दुद्धी का बनाया गया कृषि उपसंभाग भवन कभी आदिवासी किसानों खेती-किसानी की जानकारी देने के लिए बनाया गया था..

कई वर्षों से बंद पड़ा दुद्धी का कृषि उपसंभाग भवन खंडहर में हो रहा तब्दील

दुद्धी (सोनभद्र)। कभी आदिवासी किसानों को कृषि संबंधित नई जानकारी देने के लिए बनाया गया दुद्धी कृषि उपसंभाग भवन आज पूरी तरह से खंडहर हो गया है।

सोनभद्र जिले से करीब 70 किमी दूर दुद्धी में कृषि विभाग का कार्यालय आदिवासी कृषकों के हित के लिए स्थापित किया गया था। आए दिन कार्यालय सरकार द्वारा किसान हितों से संबंधित संचलित कार्यक्रम चलते रहते थे। आज यह कार्यालय खंडहर में तब्दील हो गया है।

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कृषि मृदा परीक्षण केंद्र, सरकारी कृषि यंत्रों का भंडारण कक्ष, सेमिनार कक्ष, अतिथि गृह उपयाग में न लाने के कारण जर्जर हालत में पहुंच चुका है। कार्यालय से जो कृषि यांत्रिकी कभी अनुदान में दिया जाता था, वो मिलने की तो दूर, आज कृषकों को छूट पर मिलने वाली मशीनरियों की जानकारी देने वाला कोई नजर नही आता है।

सरकारी सुविधा होने के वावजूद भी दुद्धी से 17 किमी दूर किसानों के खेतों की मिट्टी जांचने के लिए मृदा परीक्षण केंद्र चल रहा है। परीक्षण करने का शुल्क किसानों से लिए जाते हैं, जबकि सरकार द्वारा परीक्षण केंद्र निःशुल्क हुआ करता है। विभागीय अकर्णमयता के कारण यह क्षेत्र के गरीब किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक मार है।

कृषि विशेषज्ञ शमीम अंसारी बताते हैं, "दुद्धी क्षेत्र के आदिवासी किसान जंगलों की उबड़-खाबड़ जमीन को समतल कर खेत बनाया और अपनी सभ्यता की शुरुआत की थी। कृषि उप संभाग कार्यालय, सहकारी समितियों, किसानों से संबंधित बैंको, कृषि संयंत्रों व अभियांत्रिकी के अभाव में यहां के किसान विकसित होने की जगह आधुनिक कृषि तकनीकी की होड़ में पिछड़ते चले गए।"

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घिवही गाँव के किसान गौरीशंकर कुशवाहा बताते हैं कि कभी एक समय हुआ करता था जब प्रगतिशील क्षेत्रीय किसानों का प्रदर्शनी लगा करता था, जिसमें उत्साह से किसानों ने अपनी अपनी खेतो से पांच किलो का मूली, लौकी सहित बैंगन, गाजर अन्य सब्जियां लाते थे जिसको देखने के लिए लोगो की भीड़ लग जाया करता था। जो इस समय गंदगी से भरे खंडहर में तब्दील हो गया है। और किसान मेला लगने वाले जगहों पर आज अतिक्रमण किया गया है। जब कि हमने कृषि उपसंभाग कार्यालय में विगत वर्षों से ताला लटके देखकर छह महीने पहले में खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से डिप्टी डारेक्टर एग्रीकल्चर को पत्र लिखकर मृदा परीक्षण केंद्र का प्रयोगशाला को प्रारम्भ करने के लिए मांग किया है।

कृषि प्रावधिक सहायक श्रीप्रकाश मौर्य दुद्धी कहते हैं, "एसडीओ दुद्धी के पद रिक्त होने की वजह से यहां के कार्यालय नहीं खुलता है। शुरुआत के दौरान एक बार अधिकारी यहां रहते थे उसके बाद से कोई यहां नहीं आया है, जिसके आज तक खाली पड़ा हुआ है।

जिला कृषि अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने कहा कि वर्तमान समय मे उपसंभाग कार्यालय दुद्धी में कोई अधिकारी नियुक्त नहीं है, जिसके वजह से कार्यालय की देख रेख नही हो पाती है। सहायक विकास कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि फैले हुए गंदगी को सफाई कराए और अपनी सीमांकन को अतिक्रमण से मुक्त करें। जरूरत पड़ने पर जिला उपनिदेशक कृषि अधिकारी से सम्पर्क करें। और मृदा परीक्षण केंद्र कर्मचारियों के कमी होने के कारण संभागीय कार्यालय बंद है हमने उपनिदेशक महोदय को सूचना दे दिया है कि जल्द से जल्द अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती कर कार्यालय प्रारम्भ कराया जाए।

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