दो साल बाद भी यहाँ नहीं दौड़ी रेलगाड़ी

Swati ShuklaSwati Shukla   8 Nov 2015 5:30 AM GMT

दो साल बाद भी यहाँ नहीं दौड़ी रेलगाड़ी

फैजाबाद। शहर से रायबरेली होकर लालगंज तक बिछने वाली नई रेल लाइन को मंजूरी मिली उसके बाद लोकसभा चुनाव से छह माह पूर्व पांच सौ करोड़ की वित्तीय स्वीकृति हुई, लेकिन कार्य आज तक नहीं शुरू हुआ। पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने रायबरेली की ओर से कार्य शुरू होने का दावा भी किया था, लेकिन कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।

फैजाबादियों की हसरत थी कि उनके यहां से रायबरेली तक रेलगाड़ी दौड़े। रेलमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2009 के पूरक बजट में इसकी घोषणा की थी। यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहीं ममता बनर्जी ने फैजाबाद से रायबरेली होते हुए लालगंज तक सर्वे को मंजूरी दी थी। इसका सर्वे पूरा हुआ। योजना आयोग से फाइल आगे बढ़ी तो नवंबर 2013 में वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई। इसके बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है।

बतादें कि फैजाबाद से रायबरेली के बीच नई रेलवे लाइन के लिए मिल्कीपुर से जिला पंचायत सदस्य रहे स्व. गुल्लू सिंह ने जबर्दस्त आंदोलन भी छेड़ा था। सांसद रहे डॉ. निर्मल खत्री के प्रयास और दबाव पर इस दिशा में वर्ष 2009 में पहल शुरू हुई। 20 जुलाई 2009 में पूर्व रेलमंत्री ममता बनर्जी ने इसे मंजूरी प्रदान की थी। फैजाबाद से लालगंज वाया मिल्कीपुर, कुमारगंज, अमेठी, रायबरेली होते हुए लालगंज तक रूट सर्वे का काम काम टोह इंजीनियरी और यातायात सर्वेक्षण विभाग ने फरवरी 2010 में पूरा कर फाइल योजना आयोग के हवाले कर दिया। लोकसभा चुनाव के करीब छह महीने पहले वित्तीय स्वीकृति भी केंद्र ने दी थी।

जल्द शुरू हो सकता लाइन निर्माण कार्य

रायबरेली के इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर कहा, ''रायबरेली की ओर से अभी किसी नई रेल लाइन पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। वित्तीय स्वीकृति तो हुई थी, लेकिन उसका एक धेला नहीं मिला है। हां, रायबरेली भाजपा के प्रभारी के प्रयास पर कुछ महीने पहले दस करोड़ रुपये जरूर आए हैं। लाइन निर्माण का कार्य कुछ दिनों में शुरू हो सकता है।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top