दो साल बाद सैकड़ों गरीबों को मिलेंगे आवास

दो साल बाद सैकड़ों गरीबों को मिलेंगे आवासगाँव कनेक्शन

उन्नाव। लंबे समय से अपने पक्के आशियाने का आस लगाए बैठे 612 परिवारों में उम्मीद की किरण जगी है। जिले की सात नगर पंचायतों में ‘आसरा’ योजना के तहत बन रहे आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है इन अन्य आवश्यक सुविधाएं भी दुरुस्त हो चुकी है। लाभार्थियों के चयन के बाद अब जिला प्रशासन ने संबंधित विभाग को इन आवासों की चाभी लाभार्थियों को सौंपने के आदेश जारी किए हैं।

नगरीय क्षेत्र में रहने वाले गरीबों के आशियाने के लिए प्रदेश सरकार ने आसरा योजना चलाई है। दो साल पहले योजना के तहत नगर पंचायतों में आसरा योजना के तहत आवासों का निर्माण शुरू कराया गया था। क्षेत्र में रहने वाले गरीब बेसहारों के लिए संबंधित निकायों को जमीन देने के आदेश दिए गए थे। नियम यह भी था कि ऐसी नगर पंचायतें जहां पर जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाएगी वहां पर अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की स्वयं की भूमि पर आवास बनाए जाएंगे। शर्त यह थी कि ऐसे लाभार्थियों की खुद की जमीन पर कच्चे मकान बने हो। इन्हीं लाभार्थियों को आसरा योजना के तहत आवास बनवाने की अनुमति दी गई थी। सीएंडडीएस कार्यदायी संस्था को आवासों के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। दो साल के बाद अब सात नगर पंचायतों में छह सैकड़ा से अधिक आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है। इन टाउन एरिया में न्योतनी, पुरवा, रसूलाबाद, बांगरमऊ, मौरावां प्रथम, मौरावां द्वितीय, बीघापुर व मोहान में आवास लगभग पूरे हो चुके हैं। 

पच्चीस स्क्वायर मीटर का मिलेगा आवास

योजना के अंतर्गत पच्चीस स्क्वायर मीटर में एक आवास बनाया गया है। इसमें एक कमरा, किचन, शौचालय व बाथरुम का निर्माण कराया गया है। जिन नगर पंचायतों में नपा प्रशासन जमीन की व्यवस्था नहीं कर पाया वहां पर अल्पसंख्यक व अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की स्वयं की भूमि पर आवास बनाए गए हैं। 

लाभार्थियों का हो चुका है चयन

नगर निकायों में लाभार्थियों के चयन के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, अधिशाषी अधिकारी व तहसीलदार की कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने ही आसरा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन किया है। इस योजना में आवासहीन को प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया गया है।

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