दस लाख कमाई है तो छोड़नी होगी गैस सब्सिडी

दस लाख कमाई है तो छोड़नी होगी गैस सब्सिडीगाँव कनेक्शन

लखनऊ। अब 10 लाख से अधिक सालाना सैलरी वाले उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसमें पति या पत्नी भी शामिल हैं। केन्द्र सरकार का ये फैसला 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। 

एलपीजी की सब्सिडी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे इसलिए सरकार ने ये फैसला लिया है। इससे पहले सरकार ने अमीर लोगों से खुद सब्सिडी छोडऩे का आह्वान किया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 57.50 लाख उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार आर्थिक रूप से सक्षम उपभोक्ताओं से सब्सिडी छोड़ने की अपील की है ताकि ज़रूरतमंद को सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ मिल सके। सरकार के मुताबिक देशभर में अभी एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 16.35 करोड़ है। इस योजना के तहत 14.78 करोड़ उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। फिलहाल जनवरी में ग्राहकों को नया सिलेंडर बुक कराते समय आय का ब्योरा देना होगा। 

ऑयल कंपनियां एक उपभोक्ता को एक साल में 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर देती हैं। 14.5 किलोग्राम के एक गैस सिलेंडर पर सरकार 128 रुपए सब्सिडी के तौर पर देती है। सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि पिछले वित्त वर्ष में उपभोक्ता या उसके पति-पत्नी की कर योग्य आय 10 लाख रुपए से अधिक थी तो उसे एलपीजी सब्सिडी लाभ नहीं मिलेगा। इससे पूर्व सरकार ने संपन्न लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की अपील पर अब तक 57.50 लाख उपभोक्ताओं ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है। 'गीवइटअप' अभियान से बचाई गई सब्सिडी का उपयोग 'गीवबैक' अभियान के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को नए कनेक्शन देकर किया जा रहा है। इससे गरीब घरों में केरोसिन, कोयला, लकड़ी ईंधन, उपला जैसे परंपरागत ईंधनों की जगह स्वच्छ ईंधन पहुंचेगा और गरीबों को स्वास्थ्य के खतरों से मुक्ति मिलेगी। 

हालांकि अनेक उपभोक्ताओं ने स्वयं सब्सिडी छोड़ी है, लेकिन यह महसूस किया जा रहा है कि उच्च आय वर्ग के लोगों को बाजार मूल्य पर एलपीजी सिलेंडर दिए जाएं। इसलिए सरकार ने वैसे उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी लाभ नहीं देने का निर्णय लिया है जिनकी पिछले वित्त वर्ष में कर योग्य आय आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत 10 लाख रुपए से अधिक थी। 

एक नजर में

16.35 करोड़ रसोई गैस कनेक्शन हैं देश में

14.78 करोड़ ग्राहकों को सब्सिडी सीधे खाते में दी जा रही है

57.50 लाख लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं प्रधानमंत्री की अपील पर

क्या है करदाताओं की संख्या

वैसे देश में 3.5 करोड़ करदाता हैं। इनमें करीब 6 प्रतिशत यानी 21 लाख लोगों की सालाना आमदनी 10 लाख रुपए से ज्यादा है। जनवरी से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद यह संख्या बढ़ जाएगी। अभी कोई भी ग्राहक साल में सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर ले सकता है।

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