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तीन हफ्ते और काम नहीं करेंगे एटीएम, मशीन में नहीं समा रहे 2000 रुपए के नए नोट

लखनऊ। 500-1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद नकदी की कमी पर वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि एटीएम से 2000 रुपए के नोट की निकासी में अभी तीन हफ्ते का समय लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 2000 रुपए के नोट का आकार और उसकी बनावट को एटीएम सपोर्ट नहीं कर रहे। उसके लिए नया सॉफ्टवेयर चाहिए होगा।

जानकारों की मानें तो देश भर में करीब दो लाख दो हजार एटीएम हैं। जिनसे सिर्फ 1000, 500 और 100 रुपए के नोट निकल पा रहे थे। लेकिन अब 500-1000 रुपए के नोट बंद कर दिए गए हैं तो ऐसी सूरत में सिर्फ 100 रुपए के नोट की निकासी हो पाएगी। नए 2000 रुपए के नोट के लिए एटीएम को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना होगा। यही नहीं 500 रुपए के जो नए नोट आए हैं वह भी अलग आकार के हैं।

एक एटीएम को दुरुस्त करने में लगेंगे 4 घंटे

इंजीनियरों का कहना है कि हरेक एटीएम में चार कैसेट होते हैं। ज्यादातर एटीएम में दो कैसेट में 500 रुपए के नोट रखे जाते थे जबकि अन्य एक-एक में क्रमश:1000 रुपए और 100 रुपए का नोट रखा जाता था।

एटीएम सेवा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जो नए नोट जारी किए गए हैं उनके आकार और डिजाइन को लेकर दिक्कत है। एटीएम को उनकी निकासी के लायक बनाने के लिए मशीनों में तकनीकी बदलाव करने पड़ेंगे। इसके लिए इंजीनियर को हरेक एटीएम में जाना पड़ेगा और उसे रीकंफिगर करने में तीन से चार घंटे लगेंगे। इस तरह एक इंजीनियर एक दिन में दो से तीन एटीएम ही तकनीकी रूप से दक्ष बना पाएगा। इसके अलावा उसे एक एटीएम से दूसरे तक जाने में कितना समय लगता है, यह देखना होगा। अगर देशभर के एटीएम दुरुस्त करने की बात देखी जाए तो करीब 10 हजार इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी। उन्हें एटीएम को निकासी के लिए सुचारु बनाने में कम से कम 10 दिन लगेंगे। इससे एटीएम पर लगने वाली लंबी लाइनों से जल्द निजात मिलना संभव नहीं है।