पुरुषों की इस परेशानी को खत्म करेगी जापान की कंपनी, लाई एक नई पॉलिसी

पुरुषों की इस परेशानी को खत्म करेगी जापान की  कंपनी, लाई एक नई पॉलिसीप्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ। जापान में एक बीमाकर्ता कंपनी ऐसे पुरुषों के लिए कवरेज योजना लेकर आई है जिन पर महिलाएं छेड़छाड़ के झूठे आरोप लगाती हैं। यह पॉलिसी उन पुरुषों को महिलाओं के झूठे आरोपों से बचाएगी जिन पर ट्रेन के सफर के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगता है। हालांकि भारत में पुरुषों पर झूठे आरोप लगाने के मामले सामने आते रहते हैं लेकिन यहां इस तरह की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।

जापानी अख़बार द मेनची की रिपोर्ट के अनुसार, इंश्योरेंस प्रदाता शोगाकू टैन्की होकन का कहना है कि अप्रैल से मई महीने के दौरान इस तरह का बीमा कवरेज लेने वाले लोगों की संख्या में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कुछ दर्जन लोग ही इस बीमा का लाभ लेते थे वहीं अब एक महीने में यह संख्या सौ से अधिक लोगों की हो गई है। इस पॉलिसी को तब लाने पर विचार किया गया जब ऐसी कई घटनाएं सामने आईं जब महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के आरोपी पुरुषों को जान बचाकर रेलवे ट्रैक पर भागते देखा गया है। छेड़छाड़ के झूठे आरोपों के शिकार युवकों के लिए लाई गई इस पॉलिसी के लिए उन्हें सालाना 6400 येन (574 डॉलर) खर्च करने होंगे।

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वेबसाइट न्यूज़सीक के मुताबिक़, जापान में प्रचार के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं जिससे ट्रेन में छेड़छाड़ की समस्या से निपटा जा सके। वहां चलती ट्रेन में महिलाओं से छेड़छाड़ एक आम समस्या है। हालांकि अब महिलाएं अपने फायदे के लिए पुरुषों पर इस तरह के झूठे आरोप भी लगा रही हैं।

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इन कथित छेड़छाड़ के मामलों में अब तक करीब 1800 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 2006 में नेशनल डिफेंस मेडिकल कॉलेज के एक प्रफेसर ने उन्हें एक मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने उनके 22 महीने की सजा पर रोक लगा दी थी।

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