यरूशलम के पवित्र स्थल को बंद करना धर्म की आजादी के खिलाफ : तुर्की 

यरूशलम के पवित्र स्थल को बंद करना धर्म की आजादी के खिलाफ : तुर्की बंद किया गया यरुशलम का पवित्र स्थल।

इस्तांबुल (एएफपी)। जानलेवा हमले के बाद इजरायल द्वारा दो दिन तक यरुशलम के पवित्र स्थल को बंद करने पर तुर्की ने गुस्सा जाहिर करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। यहूदियों के बीच टेंपल माउंट के नाम से जाने जाने वाले परिसर हराम-अल-शरीफ को दो दिन तक बंद किया गया था। इस परिसर में डॉम ऑफ द रॉक और अल-अक्सा मस्जिद है। मुस्लिमों के द्वारा इस स्थल को इस्लाम में तीसरा सबसे बड़ा पवित्र स्थल माना जाता है। वहीं, यहूदी धर्म में यहूदी इस स्थल को सबसे पवित्र मानते हैं। इजरायल ने हमले के बाद इस अति संवेदनशील परिसर को शुक्रवार और शनिवार के लिए बंद कर दिया था।

गोलीबारी में दो लोगों की हत्या

तुर्की सरकार के प्रवक्ता और उप प्रधानमंत्री नुमन कुरतुलमुस ने कहा, यह फैसला मानवता के खिलाफ अपराध है। धर्म की आजादी के खिलाफ अपराध किया गया है। मानवाधिकार के संबंध में भी यह अस्वीकार्य है। शुक्रवार को तीन अरब इजरायली नागरिकों ने इजरायली पुलिस पर खुलेआम गोलीबारी की थी। वहां से फरार होने से पहले उन्होंने दो लोगों की हत्या कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने परिसर में हमलावरों को मार गिराया था।

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First Published: 2017-07-18 16:11:31.0

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