पाकिस्तान में विस्फोट से 20 मरे, सीनेट के उपाध्यक्ष घायल

पाकिस्तान में विस्फोट से 20 मरे, सीनेट के उपाध्यक्ष घायलसीनेट के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी।

कराची (भाषा)। पाकिस्तान के अशांत दक्षिण पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में आज एक शक्तिशाली विस्फोट में 20 व्यक्ति मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए। इस जानलेवा हमले में पाकिस्तान की सीनेट के उपाध्यक्ष बाल-बाल बच गए, हालांकि उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई और वह घायल हो गए।

प्रांत के मस्तुंग इलाके में मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी को निशाना बनाया गया, जब वह एक मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित करके बाहर आए। जिस इलाके में विस्फोट हुआ वह प्रांतीय राजधानी क्वेटा से करीब 70 किमी दूर है।

मस्तुंग अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी मलिक जिब्रान ने बताया कि 20 मृतकों और 35 से अधिक घायलों को अस्पताल लाया गया है। उन्होंने बताया कि 15 से अधिक घायलों की हालत नाजुक है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब्दुल रज्जाक चीमा ने बताया कि 30 से 40 लोग घायल हुए हैं, उन्होंने बताया कि हैदरी मामूली तौर पर घायल हुए हैं। हैदरी मौलाना फजलुर रहमान के जमात उलेमा ए इस्लाम फैजल (जेयूआई-एफआई) से संबंधित हैं। मारे गए ज्यादातर लोग उनकी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

सीनेट के अध्यक्ष रजा रब्बानी ने कहा कि यह एक आत्मघाती हमला था जिसका निशाना उपाध्यक्ष थे। रब्बानी ने कहा ‘‘मैंने बलूचिस्तान के मुख्य सचिव से बात की और उनसे हैदरी को विमान से क्वेटा लाने के लिए कहा।'' जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा कि हैदरी को सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।

हैदरी ने दुनिया टीवी से एक संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं. ‘‘यह एक शक्तिशाली विस्फोट था। मैं घायल हुआ लेकिन मैं स्वस्थ हूं। बेकसूर लोगों की जान जाने का मुझे अफसोस है।'' टीवी फुटेज में दिखाया गया कि हैदरी का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उनका चालक हमले में मारा गया।

दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

मस्तुंग के जिला पुलिस अधिकारी गजनफर अली ने कहा कि हैदरी इसलिए बच गये क्योंकि वह विस्फोट के समय कार में नही थे। उन्होंने कहा ‘‘यह आत्मघाती बम हमला हो सकता है लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।'' अब तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता अनवारुल हक काकर ने बताया कि हमले की प्रकृति के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगा। ‘बम की प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।'' बलूचिस्तान में आतंकवादियों और अलगाववादियों के बीच हालिया वर्षों में हमले हुए हैं, इलाके में लगातार सुरक्षा अभियानों के बावजूद मस्तुंग में अशांति रही है।

Share it
Share it
Share it
Top