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भारत-नेपाल के बीच कई समझौते संभव

नई दिल्ली (आईएएनएस)। नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी अपने भारतीय समकक्ष प्रणब मुखर्जी के आमंत्रण पर सोमवार को चार दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंच गई हैं। राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद से यह भंडारी का पहला आधिकारिक भारत दौरा है।

भंडारी के साथ 33 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें विदेश मंत्री प्रकाश शरण महात और शांति व पुननिर्माण मंत्री सीता देवी यादव, पांच महिला सांसद और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भंडारी का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया जाएगा और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।

भंडारी मंगलवार को राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी और यमुना बायोडाइवर्सिटी पार्क का दौरा करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वित्तमंत्री अरुण जेटली भंडारी से मुलाकात करेंगे। भंडारी इस दौरान राष्ट्रपति आवास में रहेंगी, जहां उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी उनसे मुलाकात करेंगे। साथ ही वह राष्ट्रपति मुखर्जी द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल होंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने राष्ट्रपति के आगमन की सूचना देते हुए ट्वीट किया, “पड़ोस सबसे पहले।”

विदेश मंत्रालय में (भारत और भूटान के) संयुक्त सचिव सुधाकर दलेला ने रविवार को कहा कि नेपाल के साथ भारत का संबंध जन-केंद्रित है और यह ऊर्जा के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ ही पड़ोसी देशों के बीच संबंध सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह दौरा “नेपाल के साथ भारत के पुराने संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्राथमिकता, हमारे साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों और व्यक्ति से व्यक्ति के मजबूत रिश्ते का सूचक है।” भंडारी की भारत यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की संभावना है, लेकिन किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है। भंडारी शुक्रवार को स्वदेश लौटने से पूर्व गुजरात और ओडिशा का भी दौरा करेंगी।