दुनिया

नोट बंदी से देश के कुछ नेता काफी परेशान : जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश में कुछ नेताओं को नोट बंदी की घोषणा से तकलीफ हो रही है इसलिए वह कुछ और समय मांग रहे हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि, बड़े नोटों के बंद किए जाने के बाद लगातार नकदी की कमी की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। नोटों की कमी के बारे में जेटली ने कहा कि धन की कोई कमी नहीं आने देंगे। यह चलन में रही 86 प्रतिशत मुद्रा को बदलने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया गया अभियान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) ने पिछले दो दिन में अकेले 47,868 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। सभी बैंकों की कुल जमा करीब 2 से 2.25 लाख करोड़ रुपए के बीच होनी चाहिए।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा रिजर्व बैंक, बैंकों के सभी 4,000 खजानों में पर्याप्त मुद्रा है। पिछले एक साल में सिर्फ सितंबर महीने में बैंक जमा में बढ़ोतरी की वजह अगस्त में जारी किया गया सातवें वेतन आयोग का बकाया है।

एटीएम से रुपए निकलने में हो रही परेशानी के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि नए 2,000 और 500 के नोटों के लिए दो लाख एटीएम को व्यवस्थित करने में दो-तीन सप्ताह का समय लगेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि आभूषण विक्रेताओं से चलन से बाहर हो चुकी मुद्रा में किए गए सौदों का ब्योरा मांगा गया है, सरकार सर्राफा में कोई गैरकानूनी कारोबार नहीं होने देगी।

वित्त मंत्री ने लोगों से अपील की कि पुराने नोटों को धीरे-धीरे जमा करें। बैंकों में भीड़ न बढ़ाएं। नोट में चिप मामले पर अरुण जेटली ने कहा 2,000 रुपए के नोट में चिप, डिजिटल लॉकर्स एक मनगढंत अफवाह है।

जेटली ने जनता से कहा कि शुरुआती कुछ दिन परेशानी भरे हो सकते हैं लेकिन दीर्घावधि में इससे अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।