भारत-जर्मनी के बीच एक नए संबंध की हो सकती है शुरुआत, जर्मनी चांसलर ने दिए संकेत

भारत-जर्मनी के बीच एक नए संबंध की हो सकती है शुरुआत, जर्मनी चांसलर ने दिए संकेतजर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाकात करते मोदी। 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार देशों की यात्रा के पहले पड़ाव जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंच गए। सोमवार को उन्होंने जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाकात की। यहां दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई।

मोदी जर्मनी, स्पेन, रूस और फ्रांस की एक सप्ताह की महत्वपूर्ण यात्रा पर है। इस यात्रा में वह यूरोप से आग्रह करेंगे कि आतंकवाद के खतरे से निपटने में एक प्रमुख भूमिका निभाएं।

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के सम्मान में सोमवार देर शाम को चांसलर एंजिला मर्केल ने अपने सरकारी आवास मेसेबर्ग कंट्री रिट्रीट में निजी भोज का आयोजन किया था। इस मौके पर दोनों नेताओं ने परस्पर हितों के मुद्दों पर विचार विमर्श किया। इस दौरान हल्की धूप में दोनों नेताओं ने 18वीं शताब्दी के शाही महल के बगीचे में चहलकदमी भी की। बैठक ‘शलॉस मीजेबर्ग’ की आगंतुक पुस्तिका में मोदी के हस्ताक्षर करने के साथ शुरु हुई। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आलीशान महल के बाग में दोनों नेताओं के आपस में बातचीत के दौरान ली गई तस्वीरें डालते हुए कहा कि यह लाभदायक साझेदारी का संबंध है।

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बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, ‘चांसलर मर्केल के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई।’ बैठक को एक बेहद अनौपचारिक मामला बताया गया। मोदी के दो दिन के जर्मनी के दौरे के औपचारिक कार्यक्रम कल से शुरु होंगे।

मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद से यूरोप बुरी तरह प्रभावित हुआ है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मुताबिक, आतंकवाद सबसे गंभीर चुनौती है, जिसका मानवता सामना कर रही है। यूरोप को इस बुराई से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में एक प्रभावी वैश्विक प्रतिक्रिया विकसित करने में अवश्य ही एक अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

इसी बीच, मोदी के साथ गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ मंत्री भी अपने जर्मन समकक्षों से बातचीत कर रहे हैं। इन मंत्रियों में वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर शामिल हैं।

दो वर्षों में होने वाली भारत-जर्मनी अंतरसरकारी परामर्श (आईजीसी) की चौथी बैठक भी होगी। पिछली बार यह बैठक नई दिल्ली में अक्टूबर 2015 को आयोजित की गई थी।

इंडो-जर्मन बिजनेस फोरम के उद्घाटन से पूर्व मोदी जर्मनी के व्यापार जगत के प्रमुख चेहरों से भी मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि जर्मनी भारत में सातवां बड़ा निवेशक है। 2000 से लेकर दिसंबर 2016 तक जर्मनी ने भारत में 9.54 बिलियन करोड़ डॉलर का निवेश किया है। भारत में जर्मनी की 1800 कंपनियां काम कर रही हैं।

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