सहारनपुर: महिलाओं के आईब्रो बनवाने और बाल कटवाने के खिलाफ दारुल उलूम ने जारी किया फतवा

सहारनपुर: महिलाओं के आईब्रो बनवाने और बाल कटवाने के खिलाफ दारुल उलूम ने जारी किया फतवाप्रतीकात्मक फोटो 

लखनऊ। एक ओर जहां हिंदू महिलाएं अपने सुहाग की सलामती के लिए करवाचौथ व्रत की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम महिलाओं के लिए दारुल उलूम की ओर से एक फतवा जारी किया गया है। इस फतवे के जारी होने के बाद मुस्लिम महिलाएं अपने सौंदर्य को लेकर पेशोपेश में नजर आ रही हैं। दारुल उलूम देवबंद के फतवा विभाग की ओर से यह फतवा महिलाओं को लेकर जारी किया गया है। देवबंद के फतवा विभाग ने मुस्लिम महिलाओं पर नया फतवा जारी करते हुए कहा कि आईब्रो बनवाना नाजायज है।

यही नहीं, देवबंद ने अपने अजीबो गरीब फतवे में यह भी कहा है कि बिना वजह बाल कटवाना भी नाजायज है। इतना ही नहीं फतवे में ये भी कहा गया है कि मुस्लिम महिलाओं के बाल उनकी खूबसूरती होते हैं।

अपने को सलीके से रखना हर औरत का हक़ होता है, ये फैसला बिलकुल गलत है।
शाइस्ता अम्बर,अध्यक्ष,ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड

वह आगे कहती हैं कि महिलाओं को हक़ है अपने आप को मेन्टेन रखने का। अगर महिलाएं खुद को अच्छे से रखेंगी, सजेंगी, सवरेंगी, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और किसी का हक़ नहीं है उनके इस अधिकार से उन्हें वंचित रखें।

ये भी पढ़ें- #TripleTalaq : मौलवियों से फतवा लाकर महिलाओं पर थोप दिया जाता था

कैसे खुद को रोकेंगी महिलाएं?

फतवे के मुताबिक जब तक कोई बेहद मजबूरी ना हो, तब तक बाल नहीं कटवाने चाहिए। बगैर किसी मजबूरी के बाल कटवाना नाजायज है। मौलाना लुतफुर्रहमान सादिक कासमी मोहतमिम जामिया फातिमा जोहरा एग्लो अरबी ने इस फतवे की पुष्टि की है और फतवे को जायज ठहराया है। उनका कहना था कि दारुल को ये फतवा काफी पहले ही जारी कर देना चाहिए। उनके मुताबिक, मुस्लिम महिलाएं इन दिनों ब्यूटी पार्लर का काफी इस्तेमाल कर रही हैं, जो सही नहीं है। मौलाना ने आगे बताया कि जिस तरह पुरुषों का दाढ़ी कटवाना नाजायज है, उसी तरह महिलाओं का बाल कटवाना और आइब्रो बनवाना भी गलत है।

देवबंद ने कहा कि इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं है, देवबंद में फतवा विभाग के मुफ्तियों की खंडपीठ ने इस मामले में फतवा जारी करते हुए महिलाओं और पुरुषों को आईब्रो नहीं बनवाने का फतवा जारी किया है। साथ ही कहा है कि इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। मुफ्ती का कहना है कि इस्लाम धर्म में हुजूर पाक ने जिन 10 बातों के लिए मना किया है उसमें महिलाओं का आईब्रो बनवाना और बाल कटवाना शामिल है। लिहाजा इन दोनों को नाजायज करार दिया गया है।

ये भी पढ़ें- तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के लिए पीड़ादायक : रीता बहुगुणा जोशी

हल भी बता रहा है फतवा विभाग

उधर, महिलाओं की आइब्रो बनवाने और बाल कटवाने को लेकर दारुल उलूम से पहले भी फतवे जारी हो चुके हैं। करीब तीन साल पहले भी इस तरह का एक फतवा जारी हुआ था। देवबंद के मोइन सिद्दीकी बताते हैं कि तीन साल पहले भी इस तरह का एक फतवा जारी हुआ था। दरअसल दारुल उलूम के फतवा विभाग से यदि कोई व्यक्ति अपनी इस्लामिक परेशानी के बारे में हल जानना चाहता है तो उसे इसकी जानकारी प्रदान की जाती है।

ये भी पढ़ें- नहीं खत्म हुई तीन तलाक की प्रथा तो बन जाऊंगी हिंदू

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top