10 साल का हुआ आईफोन, पढ़िए आईफोन के जन्म की सीक्रेट कहानी

10 साल का हुआ आईफोन, पढ़िए आईफोन के जन्म की सीक्रेट कहानीएपल ने आईफोन के लिए हजार इंजीनियरों की टीम जुटाई थी

नई दिल्ली। आज से दस साल पहले एप्पल कंपनी ने पहला आईफोन लांच किया था। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह एक क्रांतिकारी प्रॉडक्ट साबित होगा और लोगों की जिंदगी बदल देगा। अब तक एक अरब से ज्यादा आईफोन बेचे जा चुके हैं और एप्पल दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है।

ब्रायन मर्चेंट ने एक किताब लिखी है, 'द वन डिवाइस: द सिक्रेट हिस्ट्री ऑफ द आईफोन'। इस किताब में उन्होंने बारिकी से बताया है कि एप्पल में किस तरह काम होता है। यहां कच्चे माल के चयन से लेकर प्रॉडक्ट की भव्य लांचिंग तक की ऐसी बातें बताई गई हैं, जिनसे अब तक बाहरी दुनिया अन्जान थी।

आईफोन बनाने की कैसे हुई शुरुआत

दुनिया ने पहली बार टच से काम करने वाला कोई डिवाइस देखा था जो अच्छी तरह से इंटीग्रेटेड भी था। आईफोन को किस कदर गोपनीयता के साथ तैयार किया गया था, यह एक दिलचस्प कहानी है। स्टीव जॉब्स ने स्कॉट फोर्स्टाल से एक टीम बनाने को कहा, जिसे आईफोन बनाने का काम सौंपा जाना था, लेकिन एक शर्त थी कि टीम में से कोई भी व्यक्ति एपल से बाहर का नहीं लिया जाएगा।

लोगों ने दी कुर्बानी

कंपनी ने इंजीनियरों और टीम के संभावित सदस्यों को नहीं बताया था कि वे लोग किस चीज पर काम करने वाले हैं। उन्हें बस इतना बताया गया था कि यह एक 'अद्भुत नया प्रॉडक्ट' होगा। उनसे कहा गया कि उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी, अपनी रातें कुर्बान करनी होंगी और बरसों तक वीकेंड पर भी काम करना होगा। अगर इसके लिए तैयार हैं, तभी टीम का हिस्सा बनने के बारे में सोचें। यही नहीं, आईफोन बनाने के लिए कई लोगों की शादीशुदा जिंदगी बर्बाद हो गई, लेकिन स्टीव जॉब्स ने आईफोन के लिए कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं किया।

'प्रोजेक्ट पर्पल' दिया गया नाम

एपल आईफोन को तैयार करने के इस काम को सीक्रेट तौर पर 'प्रोजेक्ट पर्पल' का नाम दिया गया। इससे जुड़ी टीम ने अमेरिकी शहर क्यूपरटीनो की एक इमारत को ले लिया और उसे लॉक कर दिया। पहला फ्लोर बैज रीडर और कैमरों से भरा था।

हाई सिक्योरिटी में हुआ काम

किसी को नहीं पता था कि ऊपर क्या काम चल रहा है. लोग वहीं रहते थे, अंदर ही काम करते थे। और तो और ओवरवर्क से लोगों की हालत तक खराब हो गई थी, लेकिन स्टीव जॉब्स चाहते थे कि किसी भी हालत में इसकी गोपनीयता बनाए रखी जाए।

2007 में लांच हुआ पहला आईफोन

एपल ने इस प्रोजेक्ट के लिए हजार इंजीनियरों की टीम जुटाई थी। इन्हें तीन साल के मिशन से जोड़ा गया था, जिसका नाम 'प्रोजेक्ट पर्पल 2' रखा गया था। इन्हीं के बदौलत 29 जून 2007 को पहला आईफोन दुनिया में लांच किया गया। टीम ने ऐसी डिजाइन बनाई जो एक दशक बाद भी लगभग वैसी ही है।

वर्ष 2007: इस साल कंपनी ने अपना पहला हैंडसेट 3.5 इंच मल्टी टच के साथ पेश किया था। इसे 4/8/16 जीबी की इंटरनल मैमोरी दी गई थी। 2 मेगापिक्‍सेल के रियर कैमरे के साथ इसमें लीथियम-ऑयान बैटरी दी गई थी।

वर्ष 2008: इस बार कंपनी ने 3जी नेटवर्क पर चलने वाला आईफोन 3जी पेश किया। इसे लोकेशन ट्रैकिंग और नेविगेशन करने में सक्षम बनाया गया। इस फोन के साथ ही एप स्टोर भी पेश किया गया था।

वर्ष 2009: इस बार नाम दिया गया आईफोन 3जीएस। इसमें 3 एमपी का रियर कैमरा और 256 एमबी रैम दी गई थी। 3.5 इंच स्क्रीन के साथ इसमें ली-ऑन बैटरी दी गई है।

वर्ष 2010: स्टेनलैस स्टील फ्रेम और नए डिजाइन के साथ कंपनी ने आईफोन 4 लॉन्च किया। यह पहला आईफोन था जब कंपनी ने फोन में CDMA सपोर्ट दिया।

वर्ष 2011: आईफोन 4s को स्टीव जॉब्स की मृत्यु से एक दिन पहले पेश किया गया था। इस फोन के साथ सिरी और क्लाउड स्टोरेज iCloud को भी लॉन्च किया गया था। इस फोन में 3.5 इंच की स्क्रीन दी गई है। साथ ही 8 एमपी कैमरा और 512 एमबी रैम दी गई है। यह फोन 1432 एमएएच बैटरी से लैस है।

वर्ष 2012: इस साल आईफोन 5 लॉन्च किया गया। इसका डिजाइन बाकी से थोड़ा अलग था। इस फोन के साथ चार्जिंग के लिए लाइटनिंग कंडक्टर पेश किए गए थे। इसमें 4 इंच की स्क्रीन दी गई है।

वर्ष 2013: यह पहला मौका था, जब ऐपल ने एक साथ दो आईफोन पेश किए। इनमें से 5सी रंग-बिरंगा फोन था, जो प्लास्टिक का बना था और सस्ता था। इसमें आईफोन 5 जैसी ही खासियत थीं। लेकिन 5एस मॉडल में एक नया होम बटन दिया गया था, जिसमें 'टच आईडी' था। असल में यह ऐपल का फिंगरप्रिंट पहचानने वाला सिस्टम था। इस फोन में 64 बिट का प्रोसेसर भी था और आईओएस 7 था, जो पहले से कई गुना बेहतर ऑपरेटिंग सिस्टम था।

वर्ष 2014: आईफोन 6 और 6 प्लस हैंडसेट लॉन्च किए गए। आईफोन 6 में 4.7 इंच की स्क्रीन दी गई। साथ ही इसमें 8 एमपी का कैमरा और 1 जीबी रैम दी गई है। फोन को पावर देने के लिए 1810 एमएएच की बैटरी दी गई है। वहीं, आईफोन 6 प्लस में 5.5 इंच स्क्रीन, 8 एमपी कैमरा और 1 जीबी रैम दी गई है। फोन को पावर देने के लिए 2915 एमएएच की बैटरी दी गई।

वर्ष 2015: इस साल रोज गोल्ड कलर वेरिएंट के साथ आईफोन 6एस और 6एस प्लस लॉन्च किया गया। 6एस में 4.7 इंच की स्क्रीन, 12 एमपी कैमरा, 2 जीबी रैम और 1715 एमएएच बैटरी दी गई है। वहीं, 6एस प्लस में 5.5 इंच की स्क्रीन, 12 एमपी कैमरा, 2 जीबी रैम और 2750 एमएएच बैटरी दी गई है।

वर्ष 2016: इस साल आईफोन 7 और 7 प्लस लॉन्च किया गया। इसमें से 3.5 एमएम हैडफोन जैक को हटा दिया गया है। यह फोन वॉटर रेजिस्टेंट है। साथ ही 7 प्लस में ड्यूल कैमरा और ऑप्टिकल जूम दिया गया है। कुल मिलाकर स्टीव जॉब्स ने बड़े ही रहस्यमयी तरीके से आईफोन को तैयार किया। जिसने मोबाइल फोन की दुनिया को ही बदल कर रख दिया।

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