अमेरिकी विशेषज्ञों ने जाधव की फांसी के निर्णय पर उठाए पाकिस्तान पर सवाल 

अमेरिकी विशेषज्ञों ने जाधव की फांसी के निर्णय पर उठाए पाकिस्तान पर सवाल जाधव की फांसी पर अमेरिकी विशेषज्ञों ने उठाए सवााल।

वॉशिंगटन (भाषा)। अमेरिका के शीर्ष विशेषज्ञों ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी दिए जाने का विरोध करते हुए पाकिस्तान के फैसले पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान स्वयं को विश्व मंच पर अलग किए जाने के खिलाफ़ भारत को एक कडा संदेश देना चाहता है।

पाकिस्तान में सैन्य फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल की ओर से आतंकवाद और जासूसी के मामले में पाए गए जाधव (46 वर्षीय) को लेकर सेना अधिनियम के तहत मौत की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इस सजा की पुष्टि की है।

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अमेरिका के विदेश मंत्रालय में दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो में पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एलिसा एरिस ने कहा, “जाधव के मामले में कई अनियमितताएं हैं जैसे उसे दूतावास पहुंच मुहैया नहीं कराने के अलावा कोर्ट मार्शल को लेकर गोपनीयता बरतना। मुझे सबसे अधिक हैरानी श्रीमान जाधव के मामले की इतनी जल्द सुनवाई पर हुई जबकि मुम्बई हमलावरों के मामले में सुनवाई कितनी बार स्थगित हुई है।”

एरिस ने पीटीआई से कहा कि मुम्बई मामले की सुनवाई करीब नौ साल से लटकी हुई है। इस समय एरिस विदेश संबंध परिषद में भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए सीनियर फेलो हैं। वहीं वॉशिंगटन के अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया सेंटर के निदेशक भरत गोपालस्वामी का मानना है कि जाधव के खिलाफ दिए गए सबूत कमजोर हैं।

प्रतिष्ठित वूडरो विल्सन सेंटर में दक्षिण एशिया मामलों से जुड़े उपनिदेशक और वरिष्ठ एसोसिएट माइकल कुगलमैन ने कहा, “यह पूरी कहानी रहस्य और अनिश्चितता में डूबी हुई है।” उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पाकिस्तान भारत को एक साफ संदेश देना चाहता है, चाहे वह पाकिस्तान में हस्तक्षेप को लेकर हो या पाकिस्तान को विश्व मंच पर अलग..थलग करने के भारत के प्रयास हों।

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