एक हैण्डपंप के भरोसे पांच सौ ग्रामीण

एक हैण्डपंप के भरोसे पांच सौ ग्रामीणgaoconnection

लखनऊ। लगातार दो वर्ष से पड़ रहे सूखे की वजह से इस बार गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ गयी है। वाटर लेवल नीचे जाने की वजह से गाँवों में सैकड़ों सरकारी हैण्डपम्प खराब हो गये हैं। लखनऊ के माल ब्लाक के आजादनगर ग्राम पंचायत के मनोहर कॉलोनी में चार हैण्डपम्प हैं, जिसमें से तीन खराब हो चुके हैं। 

पूरी कॉलोनी में पांच सौ से अधिक लोग रहते हैं। जो बचे हुये एक हैण्डपम्प के सहारे जी रहे हैं। सभी कुएं, पोखरों और तालाबों के सूख जाने से वहां पर रहने वाले जानवर भी इसी हैण्डपम्प पर निर्भर हैं। 

एक हैंडपंप के लगातार चलने से उस हैण्डपम्प के खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वहां पर पेयजल संकट गहरा सकता है। 

इस समस्या को लेकर जब ग्रमीणों ने ग्राम प्रधान से शिकायत की तो प्रधान ने आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही गाँव के खराब हैण्डपम्पों का रिबोर करवाकर उन्हें ठीक किया जायेगा। लेकिन आश्वासन दिए हुए एक महीना हो गया। फिर भी अभी तक हैण्डपम्प नहीं सुधरवाए   गये हैं।

आधा किलोमीटर चलने पर मिलता है पानी

मनोहर कॉलोनी के 65 वर्षीय बडकन्नू बताते हैं, “मुझे अपने घर से आधा किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। हर रोज दिन में चार से पांच बार बाल्टी में पानी भरकर लाते-लाते मेरे हाथों में छाले निकल आये हैं। हर रोज इतनी अधिक दूरी से पीने के लिए पानी लाने में बहुत परेशानी होती है।”

रिपोर्टर -   सतीश कुमार सिंह  

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