एक शिक्षिका, तीन नाम और तीन जन्मतिथि

एक शिक्षिका, तीन नाम और तीन जन्मतिथिgaonconnection

एटा। एक शिक्षिका, तीन नाम और तीन अलग-अलग जन्मतिथियां। बदायूं जिले के प्राथमिक विद्यालय जोरापारवाला में कार्यरत प्रधानाध्यापिका ने कुछ ऐसा ही खेल किया है। मारहरा के ब्राह्मनपुरी निवासी शिक्षिका हंसमुखी बीते छह साल से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रही हैं। मामले शिकायत होने पर बीएसए बदायूं ने जांच के निर्देश दिए हैं। 

प्राथमिक विद्यालयों में हुई नियुक्तियों में जमकर फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे शिक्षकों की नौकरियां पाई गई हैं। शिक्षिका हंसमुखी ने 28 जुलाई 2010 को प्राथमिक विद्यालय फकीराबाद में सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति पाई। इसके बाद प्रोन्नति पाकर शिक्षिका प्रधानाध्यापिका बन गई। पिछले दिनों कासगंज निवासी गिरिजाशंकर पुत्र लक्ष्मन सिंह ने प्रधानाध्यापिका द्वारा फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने की शिकायत बीएसए बदायूं को भेजी। जिसके बाद पता चला कि शिक्षिका के तीन अलग नाम हैं।

शिक्षिका ने संपूर्णानंद विवि बनारस से पूर्व मध्यमा परीक्षा हंसमुखी के नाम से उतीर्ण की। एमजीएचएम इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा नीलम के नाम से उत्तीर्ण की। जबकि शिक्षिका के परिवार रजिस्टर में तीन नाम दर्ज हैं। इसके अलावा शिक्षिका की पूर्व मध्यमा परीक्षा की अंकतालिका में जन्मतिथि 03 दिसंबर 1985 अंकित है। इंटर मीडिएट के स्थानांनतरण पपत्र में जन्मतिथि 03 फरवरी 1990 अंकित की गई है और बीएसए द्वारा दिए गए नियुक्ति पत्र में जन्मतिथि 12 मार्च 1985 अंकित है। शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए दस्तावेजों के बाद बीएसए बदायूं आनंद प्रकाश शर्मा ने शिक्षिका का वेतन रोकने और मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top