Lok Sabha Election 2019: धनबलि बढ़े लेकिन शिक्षित उम्मीदवारों की संख्या घटी

पांचवें चरण में 19 प्रतिशत दागी उम्मीदवार, अब तक के चरणों में सबसे अधिक दागी उम्मीदवार इस बार। शत्रुघ्न सिंहा की पत्नी पूनम सिन्हा सबसे अमीर। पांच गुना हुई उम्मीदवारों की औसत आय।

Manish MishraManish Mishra   2 May 2019 5:35 AM GMT

Lok Sabha Election 2019: धनबलि बढ़े लेकिन शिक्षित उम्मीदवारों की संख्या घटी

लखनऊ। लोकसभा चुनावों के चार चरणों के वोट पड़ चुके हैं और पांचवें चरण का मतदान 6 मई को होना है। इन पांच चरणों के हिसाब से निकल कर आया है कि चुनावों में धनबली तो बढ़े हैं लेकिन उम्मीदवारों की शिक्षा का ग्राफ गिरा है।

एडीआर और इलेक्शन वाच के द्वारा पांच चरणों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच करने के बाद एक ट्रेंड निकला है कि इस बार के चुनावों में धनाढ्य उम्मीदवार बढ़े हैं। उम्मीदवारों की औसत आय पांच गुनी बढ़ी है।

पांचवें चरण में 668 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनमें से कुल 126 (19%) उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज है। इनमें से तीन के ऊपर हत्या का मुकदमा और 9 पर महिला हिंसा का केस दर्ज है।

इस पांचवें चरण में अगर दल वार दागियों के चुनाव लड़ाने की बात करें तो समाजवादी पार्टी सबसे आगे है। दूसरे नंबर पर भाजपा और तीसरे पर कांग्रेस जबकि चौथे पर बसपा है। कुल पांचों चरणों में कुल 6152 उम्मीदवारों में 1140 उम्मीदवार दागी हैं। इनमें से 796 उम्मीदवारों पर गंभीर मामले चल रहे हैँ।

उम्मीदवारों द्वारा घोषित आपराधिक मामलों में पहले स्थान पर अमेठी से राहुल के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी सरिता एस नायर हैं, जिनके ऊपर सबसे ज्यादा 34 केस दर्ज हैं और 87 गंभीर धाराए हैं, जबकि दो मामलों में वह सजा भी पा चुकी हैं। सरिता एस नायर का नाम सोलर उपकरण घोटाले में आ चुका है। इससे पहले एरनाकुलम और वायनाड से सरिता की उम्मीदवारी खारिज हो गई थी।

वहीं, दूसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के आनन्द सेन हैं, जो फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके ऊपर आठ केस सहित 14 गंभीर धराए हैं। जबकि तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के अरशद सिद्दीकी हैं, जिनके ऊपर 7 केस सहित 12 गंभीर धराएं हैं।

एडीआर-इलेक्शन वाच उत्तर प्रदेश के हेड संजय सिंह ने गाँव कनेक्शन को बताया, "सभी बड़ी पार्टियों ने सिर्फ करोड़पति उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। राजनीति धनबलियों के हाथ में चली गई है।" वह आगे कहते हैं, "लेकिन शिक्षा का ग्राफ नीचे गिरा है।"

देश में क्लर्क की नौकरी के लिए ग्रेजुएशन होना जरूरी है, लेकिन देश की संसद में बैठने के लिए कोई भी शैक्षिक योग्यता का मापदंड नहीं है। पांचवें चरण में कुल उम्मीदवारों में 40 प्रतिशत की शिक्षा 5वीं से 12वीं तक ही है। 43 उम्मीदवार साक्षर हैं और छह निरक्षर। जबकि 52 प्रतिशत स्नातक हैं।

एडीआर-इलेक्शन वाच की टीम ने बुधवार को जो आंकड़े जारी किए उस हिसाब से इस चरण में सबसे धनवान उम्मीदवार पूनम सिन्हा हैं। जिन्होंने अपनी सम्पत्ति 193 करोड़ से अधिक घोषित की है। दूसरे नंबर पर सीतापुर से प्रगतिशील समाज पार्टी से मैदान में विजय कुमार मिश्रा हैं, इन्होंने अपनी सम्पत्ति 177 करोड़ से अधिक बताई है और तीसरे नंबर पर हैं भाजपा के जयंत सिन्हा, इन्होंने अपनी सम्पत्ति 77 करोड़ से अधिक घोषित की है। जबकि तीन लोगों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। पांचवें चरण के सभी उम्मीदवारों की औसतन सम्पत्ति 2.57 करोड़ है।

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