लोकसभा चुनाव 2019 : आजादी के बाद पहली बार मतदान करेंगे वनटांगिया के लोग

देश में हमेशा चुनाव होते आ रहे थे, लेकिन ये अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते थे, क्योंकि इनके वोटर कार्ड नहीं बने थे, आमबाग के करीब 500 मतदाता 19 मई को पहली बार अपने मत का प्रयोग कर एक मजबूत सरकार बनाने में अपनी सहभागिता निभाएंगे

Chandrakant MishraChandrakant Mishra   9 May 2019 8:28 AM GMT

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)। लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने जा रहे गोरखपुर के वनटांगिया गाँव आमबाग के मतदाताओं में काफी उत्साह दिख रहा है। आमबाग के ग्रामीण आजादी के बाद पहली बार मतदान करेंगे। यूपी के गोरखपुर के कुस्मही जंगल में वनटांगिया समुदाय के पांच गांव हैं। करीब 100 साल से लोग यहीं बसे हुए हैं, लेकिन आज तक इनके गाँव को राजस्व गाँव का दर्जा नहीं प्राप्त था। अब तक की सरकारें इनके गाँवों को गाँव नहीं मानती थीं, जिस वजह से यहां रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। विकास की बयार से वनटांगिया के गांव अभी तक अछूते थे।

मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा था वनटांगिया गाँव आमबाग।

देश-प्रदेश में हमेशा चुनाव होते आ रहे थे, लेकिन ये अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते थे, क्योंकि इनके वोटर कार्ड नहीं बने थे। लेकिन यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ के प्रयास से इन गाँवों का राजस्व ग्राम का दर्जा मिल चुका है। लोगों के मतदाता पहचान पत्र बन गए हैं। आमबाग के करीब 500 मतदाता 19 मई को पहली बार अपने मत का प्रयोग कर देश में एक मजबूत सरकार बनाने में अपनी सहभागिता निभाएंगे।

रजही के ग्राम प्रधान रणविजय सिंह ने बताया, " वर्ष 1918 से बसे इस आमबाग वनटांगिया गाँव और ग्रामीणों की किसी ने सुधि नहीं ली। पीढ़ी दर पीढ़ी गुजरती चली गई पर कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। जबसे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ हुए हैं तबसे इस लोगों के अच्छे दिन आ गए हैं। आमबाग वनटांगिया में सड़क बनने लगी है, लोगों को पक्के मकान मिल गए है, बिजली की व्यवस्था हो गई है इसके साथ ही इनके बच्चों के पढ़ने के लिए गाँव में एक स्कूल तैयार हो रहा है। पहली बार ये लोग मतदान करेंगे जिसे लेकर इनमें बहुत खुशी है। "

गोरखपुर के वनटांगिया गाँव आमबाग में तेजी से हो रहा है विकास कार्य।

गोरखपुर जनपद में वनटांगिया के पांच गांव रजही नर्सरी, तिनकोनिया नंबर तीन, आमबाग, चिलबिलवा और रजही खाले टोला है। रजही नर्सरी के वनटांगिया मजदूरों के लिए रजहीं गांव में मतदान केंद्र बनेगा। तिनकोनिया नंबर तीन के मजदूरों के लिए तिनकोनिया नंबर दो गांव में मतदान केंद्र बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। आमबाग नर्सरी और रजही खाले टोला के वनटांगिया मजदूर रजहीं गांव में मतदान करेंगे।

टांगिया शब्द मूलत: बर्मा देश के टोंगिया से बना है। वहां की स्थानीय भाषा के टोंग्ग का अर्थ होता है पहाड़ और या का अर्थ होता है खेत। वहां पहाड़ों पर खेती करने वाले पेड़-पौधे लगाकर पहाड़ियों का संरक्षण करने वाले टांगिया कहलाते थे। पेड़-पौधे लगाने का एक विशेष तरीका टांगिया पद्धति के नाम से प्रसिद्ध है। गोरखपुर जिले में टांगिया पद्धति वर्ष 1922 से 1930 के बीच लाई गई थी।

स्थाई भवन न होने से पेड़ के नीचे चलती है पाठशाला।

इस पद्धति से वन लगाने का कार्य 1984 तक और कुछ जगहों पर 1999 तक चला। वन लगाने के दौरान इन्हें जंगलों के बीच अनाज उगाने के लिए पौधों के बीच नौ फीट जमीन मिलती रही। दरअसल जिले के जंगल तिनकोनिया नंबर तीन, जंगल रामगढ़ रजही, रजही खाले, रजहीं आमबाग और जंगल चिलबिलवा में इस समाज के लोग निवास करते हैं।

72 साल के राजाराम ने बताया, " आज तक हमें हमारी पहचान नहीं मिली थी। कभी यहां बस गए, कभी वहां बस गए। यहां-वहां करते-करते 72 साल बीत गए। हमारा अस्थाई मकान नहीं बन पाया। इस बात की कसक आज भी हमारे जेहन में है। इस बार मैं अपने जीवन में पहली बार मतदान करुंगा। इससे पहले हम लोग बूथ तक जाते थे,लेकिन वोटर लिस्ट में हमारा नाम नहीं रहता था। मायूस होकर लौट आते थे। लेकिन योगी आदित्यनाथ के प्रयास से हमें हमारी पहचान मिल गई है। पहली बार मतदान करके लोकत्रंत्र का हिस्सा बनने का मौका आया है। वोट डालने को लेकर बहुत खुशी है। "

पहली बार मतदान को लेकर ग्रामीणों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।

वनटांगिया समुदाय के लोगों को मुख्य धारा में लाने के प्रयास के तहत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जनवरी 2018 को वनटांगिया समुदाय के 18 गाँवों को राजस्व ग्राम घोषित किया। उन्होंने 3779 वनटांगिया परिवारों को भूमि के पट्टे प्रदान किये। सत्ता संभालते ही योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वनटांगिया समुदाय को मुख्य धारा में लाने के लिए कदम उठाये जाएं।

" पहली बार किसी को भोजन मिले और पहली बार वोट डालने का मौका मिले तो उस व्यक्ति के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी। मैं बता नहीं सकता है कि मतदान को लेकर मेरे अंदर कितना उत्साह है "। ये कहना है गोरखपुर के वनटांगिया गाँव आमबाग के रहने वाले ओमप्रकाश (50वर्ष) का। ओमप्रकाश और उनके गाँव के अन्य लोग आजादी के बाद पहली बार मतदान करेंगे।

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