मैनपुरी रैली: मायावती ने कहा- मोदी नकली जबकि मुलायम असली सेवक हैं

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लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन किया है। 26 साल बाद बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव मैनपुरी में एक मंच पर आये।

सभा को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मैनपुरी के लोगों, चुनाव में हमें भारी बहुमत से जिता देना। आज देश के अंदर गरीबी-अमीरी दोनों हैं। अमीर खुश हैं, गरीब दुखी हैं। महिलाओं के साथ शोषण हो रहा है। मायावती जी आई हैं, उनका हम स्वागत करते हैं। मैं आपके इस एहसान को कभी नहीं भूलूंगा। मायावती जी ने समय-समय पर हमारा साथ दिया है। आप लोग मायावती जी का आदर करें।

मंच पर पहुंची बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि इस बार यहां (मैनपुरी) से आप मुलायम सिंह यादव को भारी मतों से जिताएंगे। गेस्ट हाउस कांड के बाद भी हम बीएसपी-एसपी का गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे हैं। हमने देश के हालात ध्यान में रखकर एसपी के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया। मुलायम सिंह यादव जी ने सभी समाज के लोगों को अपनी पार्टी में जोड़ा है। पिछड़े वर्ग के लोग आज भी मुलायम सिंह यादव को अपना असली नेता मानकर चलते हैं। मुलायम सिंह यादव प्रधानमंत्री मोदी की तरह पिछड़े वर्ग के नकली नेता नहीं हैं।

मैनपुरी में चुनावी सभा को संबोधित करते अखिलेश यादव

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अपने वादे कभी नहीं पूरे किए। कांग्रेस अब देश में घूम-घूमकर गरीबों को वोट हासिल करने में जुट गई है। आप लोगों को बहकावे में आकर वोट देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस कह रही है कि सरकार में आने पर थोड़ी सी आर्थिक मदद दी जाएगी। यह ढकोसला है। अगर हम सत्ता में आए तो आपको पूरी आर्थिक मदद करने के साथ ही आपको रोजगार देंगे।

रैली को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि इस बार चौकीदार की नाटकबाजी, जुमलेबाजी नहीं चलेगी। मायावती ने कहा कि मोदी नकली जबकि मुलायम असली सेवक हैं। मायावती ने कहा कि बीजेपी अपनी गलत नीतियों से सत्ता से बाहर जाने वाली है। बीजेपी की कोई नाटकबाजी और जुमलेबाजी नहीं चलेगी। इस बार चौकीदारी की नई नाटकबाजी बीजेपी को नहीं बचा पाएगी। अच्छे दिन का चुनावी वादा खोखला साबित हुआ।

मैनपुरी की क्रिश्चियन फील्ड में होने वाली इस रैली में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोद) का महागठबंधन होगा। यह महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि सभी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं। इस गठबंधन की यह चौथी संयुक्त जनसभा होगी।


इस रैली में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आरएलडी प्रमुख अजित सिंह भी शामिल हैं।

वर्ष 1993 में गठबंधन कर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच 5 जून 1995 को लखनऊ में हुए गेस्टहाउस कांड के बाद दूरियां हो गई। इस कांड के बाद मायावती ने कभी समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के साथ गठबंधन नहीं किया। गेस्ट हाउस कांड के 24 साल बाद ये दोनों नेता एक साथ मंच साझा कर रहे हैं।

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दरअसल, 2 जून 1995 को लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस में मायावती विधायकों के साथ रुकी हुई थी। वे कमरा नंबर 1 में थीं। अचानक समाजवादी पार्टी के समर्थक इस गेस्ट हाउस में घुस आए और मायावती से बदतमीज़ी की जाने लगी। उन्हें अपशब्द कहे गए, मार-पिटाई हुई। मामला इतना गंभीर हो गया कि मायावती को खुद को बचाने के लिए एक कमरे में बंद होना पड़ा। इस कांड के बाद दोनों पर्टियों के बीच दूरियां गई।

जनवरी 2019 में अखिलेश और मायावती के बीच गठबंधन हुआ तो मायावती ने इस कांड का भी जिक्र किया था। लखनऊ में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा था, ''हमने बीजेपी को रोकने के लिए पहले भी गठबंधन किया था। ये गठबंधन कुछ गंभीर कारणों से ज्यादा दिनों तक नहीं चला लेकिन अब जनहित को 2 जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड से ऊपर रखते हुए हमने चुनावी समझौता करने का फैसला किया है।'' लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के लिए सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन किया है। समाजवादी पार्टी 37 और बहुजन समाज पार्टी 38 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

अब 24 साल के लंबे अंतराल के बाद दोनों पार्टियों ने भाजपा को हराने के लिए एक साथ मंच पर होंगे। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में एक सीट मैनपुरी है जहां पर 23 अप्रैल को वोटिंग है।


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