एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए 'आशा'

एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए आशागाँव कनेक्शन

लखनऊ। ''सभी आशा ज्योति केंद्रों को प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर्स के रुप में बनाया जाएगा और केंद्र में स्थित महिला थाना में अर्हता प्राप्त महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी साथ ही एसिड अटैक पीड़िता/हिंसा से पीड़ित महिला को इस नियुक्ति में अहमियत दी जाएगी।" ऐसा कहना था महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्य सचिव रेणुका कुमार का।

महिला एवं बाल विकास विभाग,उत्तर प्रदेश सरकार व यूनिसेफ, उत्तर प्रदेश  द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें 11 जिलों में आशा ज्योति केन्द्र में क्या-क्या सुविधाएं दी जाएंगी। 

इन जिलों में स्थापित होंगे आशा ज्योति केंद्र  

आगरा, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर तथा वाराणसी में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में रानी लक्ष्मी बाई आशा ज्योति केन्द्र बनाए जाऐंगे।

केंद्रों पर यह मिलेगी सुविधाएं

अल्प प्रवास गृह, बच्चों के लिए शिशु सदन, 181 हेल्पलाइन सेवा के साथ लिंकेज 1090/1098, उपचार हेतु पैरामेडिकल स्टॉफ, पुलिस रिर्पोटिंग चौकी, चिकित्सा सहायता सेल, कानूनी सहायता सेल, ट्रामा काउंसलिंग सेल, पूर्ण शक्ति केंद्र, बैकिंग सुविधा आदि के अलावा हर आशा केंद्रो पर कैंटीन संचालित की जाएगी। इस कैंटीन का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जाएगा। केंद्र में एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी। 

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