एथेनॉल बनवाकर गन्ना किसानों को राहत देगी मोदी सरकार

एथेनॉल बनवाकर गन्ना किसानों को राहत देगी मोदी सरकारगाँव कनेक्शन

नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली-मेरठ हाइवे का शिलान्यास किया। इसके बनने के बाद मेरठ से दिल्ली सिर्फ 40 मिनट में ही पहुंच जाएंगे। 7566 करोड़ रुपये की लागत से बना 74 किमी लंबा 14 लेन का दिल्ली-डासना-मेरठ सुपर हाइवे होगा। इसके साथ ही एनएच-24 पर 22 किमी लंबे डासना-हापुड़ रोड के चौड़ीकरण के काम की भी शुरुआत होगी। ये हाईवे ढाई साल में तैयार होगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''पश्चिम उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान देश का मुंह मीठा करने का काम करते हैं। मार्केट में चीनी के दाम गिरने से किसानों को नुकसान होता है। दुनिया के बाजार में चीनी का दाम गिरने पर भी किसान को नुकसान ना हो, हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। चीनी ज्यादा बनने पर चीनी का प्रोडक्शन कम करके एथेनॉल बनाने का काम करवाएंगे। गाड़ियों के ईंधन में पांच प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाएगा। इससे प्रदूषण भी कम होगा और किसान को भी फायदा होगा।"

संसद में अवरोधों को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन्होंने 60 साल तक भारत पर शासन किया, उन्हें इसके कामकाज को बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस के नेताओं से नववर्ष में संसद को कार्य करने देने और देश के विकास में बाधा उत्पन्न नहीं करने का संकल्प लेने को कहा।  

कहां से कहां तक बनेगा सुपर हाईवे

यह सुपर हाईवे दिल्ली के निजामुद्दीन से शुरू डासना होते हुए मेरठ तक बनेगा। 

14 लेन की इस सड़क में 6 लेन एक्सप्रेस वे के होंगे।

दोनों ओर 4-4 लेन के हाईवे होंगे। इसे लोग गाजियाबाद, इंदिरापुरम और नोएडा जाने के लिए प्रयोग कर सकेंगे।

हाईवे के दोनों ओर साइकिल लेन भी बनाई जाएगी।

इस तरह होगा निर्माण कार्य

74 किमी लंबे 14 लेन के दिल्ली-डासना-मेरठ प्रोजेक्ट पर कुल 7566 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 28 किलोमीटर लंबे दिल्ली-डासना सेक्शन को पहले फेज में बनाया जाएगा। इसमें कुल 2869 करोड़ खर्च होंगे। दूसरे फेज में डासना से मेरठ के बीच 6 लेन बढ़ाए जाएंगे। 46 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस पर कुल 3575 करोड़ खर्च होंगे। एनएच-24 में लेन बढ़ाए जाने से एक साथ तीन राज्यों को फायदा मिलेगा। इसमें दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड शामिल है। एक्सप्रेस वे बनने के बाद लखनऊ, बरेली, नैनीताल आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। सबसे खास बात गाजियाबाद और नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो जाएगी और घंटों लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। अभी यूपी गेट से डासना आने-जाने में एक से दो घंटे लगते हैं। ऐसे में अब समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। 

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