#स्वयं फेस्टिवल: बछड़ा जनने के बाद तीन महीने तक न कराएं गाय का गर्भाधान

#स्वयं फेस्टिवल: बछड़ा जनने के बाद तीन महीने तक न कराएं गाय का गर्भाधानपशु चिकित्सा अधिकारी ओपी सोनकर ने दी पशुपालकों को जानकारी।

अश्वनी दिवेदी

लखनऊ। पशु चिकित्सा अधिकारी ओपी सोनकर ने बताया कि गाय के बछड़ा जनने के बाद कम से कम तीन महीने तक गाय को दुबारा गर्भधान नही करना चाहिए। दूसरा यह की छह माह के बाद पशु का दूध कम होने पर और गर्भ धारण होने पर दूध लगाना छोड़ देना चाहिए। साथ ही पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान पर जोर देते हुए बताया आवारा सांड की गुणवत्ता अच्छी नही होती है। कृत्रिम गर्भधान के 2 महीने बाद पशुओं की जांच जरूर करा दें कई बार ये होता किसान को 7 या 8 महीने बाद पता चलता है कि पशु गर्भधारण ही नही कर पाया।

नायाब तहसीलदार इटौंजा निखिल शुक्ल स्वयं प्रोग्राम में पहुंचे।

स्वयं फेस्टिवल के दौरान जमखनवा गांव में पशुओं को लेकर जागरूकता कैंप लगाया गया। यहां ओपी सोनकर ने बताया कि जब गाय भैस बच्चा देती है तब से लेकर युवावस्था तक उस समय तक बच्चो को प्रयुश देना चाहिए क्योकी पीयूष को अमृत कहा गया है पीयूष में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है गाव में भ्रंतिया है कि लोग गाय के बच्चो को पीयूष नही पिलाते है।जिन पशुओं के बच्चो के पियूष नही मिलता है वो पशु शिशु कमजोर रह जाते है । उपमुख्यचिकित्सा अधिकारी ओ पी सोनकर ने किसानों से कहा कि जिन किसानों के पशुओं का टीकाकरण छूट गया है वो अपने नाम की सूचि दे दे उनका टीकाकरण कराया जाए।गाव में रहने के नाते आप लोग को पशुपालन करना चाहिए ,और पशु कृषि मित्र भी है और आप की आय के साधन भी है दूध से लेकर गोबर तक सभी वस्तएं लाभदायक है।

जिला उद्यान प्रभारी अधिकारी जयकरन सिंह ने सब्जियों की खेती के बारे में बताया।

जिला उद्यान प्रभारी अधिकारी जयकरन सिंह ने बताया कि पत्ता गोभी ,शिमला मिर्च, टमाटर को पाली हाउस में पैदा करना चाहिये। गेंदा ,जरबेरा के फूलों की खेती भी किसानों के काफी फायदे की है।शिमला मिर्च एक एकड़ में लगाने पर सवा लाख का खर्च आता है और लाभ 4 से 5 लाख के बीच में है जबकि एक एकड़ गेहू पर खर्च 5 हजार आता है और उपज लगभग तीस हजार की है सब्जियो की खेती ज्यादा फायदे मंद है।

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